Sunday , 29 November 2020

शुद्ध के लिए युद्ध अभियान : जांच दल व प्रबंधन समिति का गठन


उदयपुर (Udaipur). जिला कलक्टर (District Collector) चेतन देवड़ा ने ‘शुद्ध के लिए युद्ध अभियान’ के तहत मिलावट करने वालों के विरूद्ध कार्यवाही के लिए दो जांच दलों का गठन किया है. दोनों जांच दलों में 13 अधिकारियों व कर्मचारियों को नियुक्त करते हुए प्रतिदिन सघन जांच करने और प्राप्त मिलावट पर नियमानुसार कार्यवाही के निर्देश दिए हैं. कलक्टर देवड़ा ने बताया कि अभियान के अन्तर्गत दूध, मावा, पनीर एवं अन्य दुग्ध उत्पादों की जाँच के साथ आटा, बेसन, खाद्य तेल एवं घी, सूखे मेवे/मसालों की जाँच की जाएगा. इसी प्रकार अभियान में बाट एवं माप की जाँच भी शामिल रहेगी.

कलक्टर ने निर्देश दिए हैं कि दलों को संबंधित उपखण्ड अधिकारी, तहसीलदार, विकास अधिकारी एवं पुलिस (Police) उप अधीक्षक आवश्यक सहयोग प्रदान करेंगे एवं दल प्रतिदिन अपनी प्रगति रिपोर्ट मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, अधिकारी उदयपुर (Udaipur) के ईमेल आईडी पर देंगे. प्राथमिक रूप से दल संख्या प्रथम उदयपुर (Udaipur) शहर एवं नगर विकास प्रन्यास क्षेत्र में एवं दल संख्या द्वितीय उदयपुर (Udaipur) शहर के अलावा समस्त जिले में कार्यवाही संपादित करेंगे तथा दोनों ही दल समस्त जिले में कार्यवाही मे एक दूसरे का सहयोग भी प्रदान करेंगे.

जिला स्तरीय प्रबंधन समिति गठित: ‘शुद्ध के लिए युद्ध अभियान’ के तहत मिलावट करने वालों के विरूद्ध कार्यवाही के लिए जिला स्तरीय प्रबंधन समिति का गठन किया गया है. जिला कलक्टर (District Collector) की अध्यक्षता में गठित इस समिति में जिला पुलिस (Police) अधीक्षक, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला रसद अधिकारी, डेयरी के प्रबंध निदेशक, उप विधि परामर्शी व सहायक विधि परामर्शी को सदस्य नियुक्त किया गया है. समिति के संयोजक अतिरिक्त जिला कलक्टर (District Collector), प्रशासन होंगे वहीं विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में जिला उद्योग केन्द्र के महाप्रबन्धक को नियुक्त किया गया है.

यह रहेगा प्रबंधन समिति का कार्य: जिला कलक्टर (District Collector) चेतन देवड़ा ने बताया कि समित के द्वारा जिले के ऐसे खाद्य-पदार्थ उत्पादक, बड़े थोक विक्रेता एवं खुदरा विक्रेता चिन्हित किए जाएंगे जहाँ मिलावट की संभावना अधिक हो. इसी प्रकार समिति जिले में गठित जाँच दलों को अभियान की अवधि में प्रतिदिन प्रातःकाल उस दिन जाँच की जाने वाली संस्थाओं की सूची उपलब्ध कराई जाएगी. इसके साथ ही समिति द्वारा दैनिक आधार पर अभियान की समीक्षा कर की गई जाँच में लिए गए सेंपल, टेस्टिंग रिपोर्ट, मौके पर नष्ट की गई सामग्री, दर्ज की गई एफआईआर (First Information Report) एवं अतिरिक्त जिला मजिस्टेªट अथवा क्रिमीनल कोर्ट में दर्ज किए गए प्रकरणों की समीक्षा की जाएगी.

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