लॉकडाउन के दौरान दिल्ली में रेप-छेड़छाड़ के मामलों में गिरावट


नई दिल्ली (New Delhi) . लॉकडाउन (Lockdown) में भी दिल्ली महिला आयोग की 24 घंटे सेवा जारी है. इस दौरान रोजाना 1400 के करीब फोन कॉल रिसीव किए जा रहे हैं, इस दौरान महिला पंचायत की टीमें भी मदद कर रही हैं. इसके जरिए कई महिलाओं को राशन, जरूरत का सामान पहुंचाया जा रहा है. कोरोना (Corona virus) के चलते देश में इस वक्त लॉकडाउन (Lockdown) लागू है जो कि अब 3 मई तक जारी रहेगा. लॉकडाउन (Lockdown) के चलते काफी कुछ बदल गया है, लोग घरों में कैद हैं, सड़कें पूरी तरह खाली हैं. इस खालीपन में भी कुछ अच्छी बातें निकलकर सामने आई हैं, जैसे इस लॉकडाउन (Lockdown) के दौरान राजधानी दिल्ली में महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराध में कमी आई है. जो एक अच्छा संकेत है.

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दिल्ली महिला आयोग की हेल्पलाइन 181 को औसतन प्रतिदिन 1500-1800 कॉल मिलती हैं. लॉकडाउन (Lockdown) के दौरान, आयोग को 26 मार्च से 31 मार्च के बीच अत्यधिक कॉल मात्रा प्राप्त हुईं. आयोग को 27 मार्च को 4,341 कॉल, 28 मार्च को 5522 कॉल और 29 और 30 मार्च को 3,000 से अधिक कॉल मिलीं. 1 अप्रैल के बाद, आयोग को प्रति दिन लगभग 1300 से 1500 कॉल प्राप्त हो रहे हैं. हालांकि, इन फोन कॉल में सबसे ज्यादा मामले लॉकडाउन (Lockdown) के कन्फ्यूज़न को लेकर हैं. जिसमें महिलाओं की ओर से आयोग से मदद मांगी जा रही है.

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घरेलू हिंसा में किसी तरह की बढ़ोतरी नहीं हुई है, कमीशन का कहना है कि इससे बिल्कुल निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जा सकता है. दिल्ली महिला आयोग के मुताबिक, 12 से 24 मार्च के बीच सेक्सुअल असॉल्ट, छेड़छाड़ से जुड़ी 6 शिकायतें आती थीं. लेकिन अब ये घटकर सिर्फ 2-3 पर ही रह गई हैं. वहीं रेप के जो भी केस रिपोर्ट होते थे, उनमें करीब 71 फीसदी की कमी आई है. किडनैपिंग के मामलों में भी 90 फीसदी की कमी दर्ज की है दिल्ली महिला आयोग की प्रमुख स्वाति मालीवाल का कहना है कि राजधानी में लॉकडाउन (Lockdown) के कारण ऐसे मामलों में कमी आई है, लेकिन अभी भी ये चिंता का विषय है कि ऐसी परिस्थिति में भी एक-दो मामले रोज सामने आ रहे हैं. हम हर केस को देखते हुए दिल्ली पुलिस (Police) के साथ काम कर रहे हैं.

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