Saturday , 26 September 2020

रक्षाबंधन त्योहार पर कोरोना का ग्रहण


मुंबई (Mumbai) , . भाई-बहन के प्यार को दर्शाता, बहन की सुरक्षा का वचन दोहराने वाला रक्षाबंधन का त्योहार हर साल बड़े ही धूम-धाम से मनाया जाता है, लेकिन इस साल ये पवित्र त्योहार बड़ा ही फीका रहा है. न राखी, ना मिठाई, बहन-भाई का ना ही मिलना हो पाया है. दरअसल इस त्योहार पर इस साल कोरोना का ग्रहण लग गया. गौरतलब हो कि बहन के घर राखी बंधवाने जाता भाई या भाई के घर राखी बांधने आती बहन कोरोना महामारी (Epidemic) के चलते यातायात के सार्वजनिक साधन बंद होने से चाहकर भी नहीं जा पाए.

यही नहीं, पहले अगर प्रत्यक्ष मिलने की संभावना नहीं होने की सूरत (Surat) में बहन अपना प्यार राखी में पिरोकर डाक लिफाफे के द्वारा भेज दिया करती थी. कोरोना के संक्रमण के भय से बहनों का ये आनंद भी छीन गया है. बस मोबाइल के जरिए संदेश का आदान-प्रदान ही भाई-बहन के दरमियान संभव हो पाया है. हालांकि एमेजन के जरिये ऑन लाइन राखी का कारोबार हुआ लेकिन कीमत अधिक होने और तकनीक की सुविधा नहीं होने से ये हर किसी के लिए संभव नहीं हो पाया. आपको बता दें कि हर साल इस त्योहार के मनाने पर लाखों रुपए का कारोबार राखियों, नारियल, दूध बिक्री, घर में बनने वाले पकवानों, मिठाइयों में होता था. लेकिन इस साल कोरोना महामारी (Epidemic) के चलते बाहरी कोई खाने की चीज या मिठाई लेने के बारे में भी अधिकतर लोग तैयार नहीं थे. इसके अलावा अभी भी सार्वजनिक परिवहन वाहन के यातायात पर पाबंदियां कायम हैं और तो और जनता भी सार्वजनिक वाहनों से सफर करने पर परहेज कर रही हैं. जिसकी वजह से चहल-पहल नदारद रही.

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