Monday , 28 September 2020

केरल नन रेप केस के आरोपी पादरी ने सुप्रीमकोर्ट में लगाई आरोप हटाने की गुहार


-पीड़ित नन ने कैविएट दाखिल कर कहा, कोई भी फैसला देने से पहले उसका पक्ष सुना जाए

नई दिल्ली (New Delhi) . केरल नन रेप केस के आरोपी बिशप फ्रैंको मुलक्कल ने सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) से गुहार लगाई है कि उसके खिलाफ लगाए गए आरोप हटा दिए जाएं. दूसरी ओर केरल सरकार (Government) और पीड़ित नन ने सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) में कैविएट दाखिल कर अदालत से कहा है कि कोई भी फैसला देने से पहले उनका पक्ष सुना जाए. मामले में अगली सुनवाई 5 अगस्त को होगी. इसके पूर्व केरल हाईकोर्ट ने 7 जुलाई को एक सुनवाई में मुलक्कल को राहत देने से इनकार कर दिया था. हाईकोर्ट ने मुलक्कल को प्रथम दृष्टया आरोपी माना है. इसके बाद बिशप ने सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) का रुख किया है.

कुछ दिन पहले बिशप के खिलाफ गैर-जमानती वॉरंट जारी हुआ था. इसके साथ ही उसकी जमानत भी रद्द हो चुकी है. इसे देखते हुए उसने सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) में राहत की गुहार लगाई है. गौरतलब है कि 2018 में कोट्टायम जिले में एक घटना सामने आई थी, जिसमें बिशप फ्रैंको मुलक्कल के खिलाफ एक नन ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी. नन ने आरोप में कहा था कि बिशप ने साल 2014-16 में उसका यौन शोषण किया. बाद में 21 सितंबर 2018 को इस मामले की जांच कर रही एसआईटी ने मुलक्कल को गिरफ्तार किया था.

फ्रैंको मुलक्कल पर बंधक बनाकर रेप, अप्राकृतिक यौन संबंध जैसे गंभीर आरोप लगे हैं. 16 अक्टूबर 2018 को उसे जमानत दे दी गई थी. इस साल अप्रैल में मुलक्कल के खिलाफ पुलिस (Police) ने आरोप पत्र दायर किया था. बिशप के खिलाफ आईपीसी की अलग-अलग धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं. नन ने अपने आरोप में कहा था कि उसे पुलिस (Police) के पास इसलिए जाना पड़ा क्योंकि चर्च के अधिकारियों ने उसकी शिकायतों पर पादरी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की.

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