दक्षिण चीन सागर में अमेरिकी नौसेना के युद्धाभ्‍यास पर चीन बौखलाया, दी मिसाइल हमले की ‘धमकी’

पेइचिंग . चीन और अमेरिका के बीच साउथ चाइना सी में तनाव अपने चरम पर है. चीन के महाभ्‍यास के खिलाफ अब सुपर पावर अमेरिका की नौसेना ने इस विवादित इलाके में जोरदार युद्धाभ्‍यास शुरू किया है. अमेरिकी नौसेना ने परमाणु ऊर्जा से चलने वाले अपने दो एयरक्राफ्ट कैरियर को दक्षिण चीन सागर में तैनात किए है. अमेरिका की जवाबी कार्रवाई बौखलाए चीन ने अब अपनी मिसाइल हमले की धमकी दी है.

भारत के खिलाफ जहर उगल रहे चीन ने अमेरिका को भी ‘धमकी’ दी है. चीन की सेना की किलर मिसाइलें डोंगफेंग-21 और डोंगफेंग-25 अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर को तबाह कर सकती हैं. चीन ने कहा कि दक्षिण चीन सागर में तैनात अमेरिका के विमानवाहक पोत चीनी सेना की जद में हैं. चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने कहा कि चीनी सेना इन्‍हें कभी भी बर्बाद कर सकती है.
इससे पहले यूएस नेवी के लेफ्टिनेंट कमांडर शॉन ब्रोफी ने बताया कि अमेरिकी नौसेना के एयरक्राफ्ट कैरियर यूएसएस निमित्ज, यूएसएस रोनाल्ड रीगन और चार युद्धपोत दिन-रात साउथ चाइना सी में युद्धाभ्‍यास कर रहे हैं. अमेरिकी नौसेना दिन और रात दोनों ही समय में युद्धाभ्‍यास करके चीन को किसी भी दुस्‍साहस के खिलाफ सख्‍त संदेश दे रही है. इसी इलाके में इन दिनों की चीन की नौसेना भी युद्धाभ्‍यास कर रही है.

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ये एयरक्राफ्ट कैरियर दुनियाभर में अमेरिकी नौसैनिक ताकत के प्रतीक माने जाते हैं. अमेरिका ने कहा उसके इस युद्धाभ्‍यास का मकसद इस इलाके के हर देश को उड़ान भरने, समुद्री इलाके से गुजरने और अंतरराष्‍ट्रीय कानूनों के मुताबिक संचालन करने में सहायता देना है. अमेरिका ने साउथ चाइना सी में यह युद्धाभ्‍यास ऐसे समय पर शुरू किया है जब इसी इलाके में चीन की नौसेना भी युद्धाभ्‍यास कर रही है. चीन की नेवी परासेल द्वीप समूह के पास पिछले कई दिनों से युद्धाभ्‍यास करके ताइवान और अन्‍य पड़ोसी देशों को धमकाने में जुटी हुई है.

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