RELIGION

चैत्र नवरात्र : माँ कालरात्रि के पूजन से विघ्न बाधाओं का नाश

जबलपुर, . कोरोना (Corona virus) को लेकर शहर में लगे कफर््यू के कारण नगर और उपनगरीय क्षेत्रों के देवी मंदिरों में सन्नाटा सा नजर आ रहा है जो इसके पहले कभी नहीं देखा गया. जहां नवरात्र पर आकर्षक विद्युत साज-सज्जा से सजे देवी दरबारों में भक्तों की भीड़ उमड़ती थी. शहर की सडक़ों में श्रद्धालुओं का काफिला मातारानी के दर्शनार्थ …

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मां दुर्गा के नौ अलौकिक रूप नौ शक्तियों का मिलन पर्व ‘नवरात्रि’ : योगेश कुमार गोयल

भारतीय समाज और विशेषकर हिन्दू समुदाय में नवरात्र का विशेष महत्व है, जो आदि शक्ति दुर्गा की पूजा का पावन पर्व है. नवरात्रि के नौ दिन देवी दुर्गा के विभिन्न नौ स्वरूपों की उपासना के लिए निर्धारित हैं और इसीलिए नवरात्रि को नौ शक्तियों के मिलन का पर्व भी कहा जाता है. प्रतिपदा से शुरू होकर नवमी तक चलने वाले …

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चिंतन-मनन / अपनेपन का प्रेम असली प्रेम

जब प्रेम बहुत गहरा होता है, तब तुम किसी भी गलतफहमी के लिए पूरी जिम्मेवारी लेते हो. पल भर के लिए ऊपरी तौर से नाराजगी व्यक्त कर सकते हो, परन्तु जब इस नाराजगी को दिल से महसूस नहीं करते, तब तुम एक-दूसरे को अच्छी तरह समझ पाते हो. तब तुम उस अवस्था में हो जहां सभी समस्याएं और मत-भेद मिट …

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बुध और चंद्र मिलकर उबारेंगे कोरोनावायरस के संक्रमण से

भोपाल (Bhopal) . कोरोनावायरस के संक्रमण को लेकर सारी दुनिया भयाक्रांत है. भारत के ज्योत्षी भी इससे अछूते नहीं हैं. ज्योतिष विज्ञान के अनुसार कोरोनावायरस महामारी का संकट शनि और सूर्य के मिलने से आया है. ज्योतिषियों के अनुसार कोरोनावायरस का यह संकट बुध और चंद्र के एक साथ आने पर ही खत्म होगा. 14 अप्रैल के बाद कोरोनावायरस की …

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चिंतन-मनन / दूर करें अध्यात्म विद्या का अभाव

अध्यात्म विद्या के विषय में अधिकांश भौतिक विद्वान शिक्षा को ही विद्या मान बैठते हैं. वे विद्या और शिक्षा के अंतर को भी समझने में असमर्थ हैं जबकि विद्या और शिक्षा में धरती और आसमान का अंतर है. इस विषय को स्पष्ट करते हुए महात्मा परमचेतनानंद ने अपने प्रवचन में कहा कि शिक्षा शब्द शिक्ष धातु से बना है जिसका …

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कोरोना: पहली बार कालकाजी मंदिर से नवरात्र जोत नहीं ले जा सके भक्त

नई दिल्ली (New Delhi) . देशभर में कोरोना (Corona virus) के मद्देनजर 14 अप्रैल तक लॉकडाउन (Lockdown) लागू हो चुका है. साथ ही चैत्र नवरात्र शुरू हो चुके हैं, लेकिन इस बार लॉकडाउन (Lockdown) की वजह से मंदिरों में लोग नहीं जुट पाए और मंदिरों में सन्नाटा पसरा रहा. पहली बार कालकाजी मंदिर से मां के भक्त नवरात्र की जोत …

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चिंतन-मनन / हनुमान से सीखें संस्कार

दूसरे का मान रखते हुए हम सम्मान अर्जित कर लें, इसमें गहरी समझ की जरूरत है. होता यह है कि जब हम अपनी सफलता, सम्मान या प्रति…ा की यात्रा पर होते हैं, उस समय हम इसके बीच में आने वाले हर व्यक्ति को अपना शत्रु ही मानते हैं. महत्वाकांक्षा पूरी करने के लिए मनुष्य सारे संबंध दांव पर लगा देता …

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रामलला अस्थायी मंदिर में शिफ्ट, सीएम योगी ने कराया विराजमान, नहीं रही भीड़

अयोध्या. श्रीरामजन्मभूमि पर भव्य राममंदिर निर्माण के प्रथम चरण का अनुष्ठान आज सुबह पूरा हो गया. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री (Chief Minister) योगी आदित्यनाथ ने भगवान श्री राम लला को टेंट से लेकर अस्थाई भवन में विराजमान कराया. रामलला तीनों भाइयों भरत, लक्ष्मण, शत्रुघ्न और हनुमान जी के साथ अस्थायी मंदिर में विराजमान हुए. वैदिक मंत्रोउच्चरण के साथ रामलला अस्थाई …

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घर में कभी न लाएं भगवान की ऐसी प्रतिमाएं

सभी लोगों के घर में भगवान की प्रतिमाएं अथवा चित्र मौजूद होते हैं. परन्तु क्या आप जानते हैं कि भगवान के सभी चित्र अथवा प्रतिमाएं घरों में लगाना शुभ नहीं होता. कुछ चित्र अथवा प्रतिमाएं ऐसी भी होती हैं जिन्हें घर में लगाना और उनके दर्शन करना आपके लिए दुर्भाग्य का कारण बन सकता है. – घर के मंदिर में …

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शनि की महादशा दूर करने शनिवार को ऐसे करें अचूक उपाय, शनिवार को ये न करें

शास्त्रों में भगवान शनिदेव को न्याय एवं कर्म प्रधान देवता माना गया है शनिदेव मनुष्य को उसके कर्मों के अनुसार फल देते हैं. शनिदेव को सूर्य का पुत्र कहा जाता है. शनिदेव को लेकर लोगों के बीच कई धारणाएं बनी हुई हैं. शनिदेव को नकारात्मक तरीके से देखा जाता है. आमतौर पर अवधारणा है कि शनि देव लोगों की बुरा …

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मंदिरों में इसलिए चढ़ाए जाते हैं नारियल और नींबू

आदिकाल से ही दुनिया के लगभग सभी धर्मों में बलि देने की प्रथा मौजूद रही है. हालांकि ईश्वर भाव का भूखा होता हैं. आजतक किसी ने भगवान कभी किसी वस्तु का उपभोग करते हुए नही देखा है. भारत में भी कई जगहों पर देवी -देवताओं को जानवरों की बलि दी जाती रही है. परन्तु क्या आप जानते हैं कि बलि …

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समृद्धि की जानकारी देंती हैं ये रेखाएं, अगर पति-पत्नी दोनों के हाथ में हो एम अक्षर

कहा जाता है कि व्यक्ति को किस्मत से अधिक तथा समय से पहले कुछ भी हासिल नही होता है अर्थात भाग्यवादी लोग मानते हैं कि वहीं होता है जो कि किस्मत में लिखा होता है. ज्योतिष में भाग्य जानने के लिए कई विधाएं मौजूद है. परन्तु सामुद्रिक शास्त्र में दिए सिद्धान्तों का प्रयोग कर हम किसी का भी भविष्य चुटकियों …

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घट-कलाश स्थापना के साथ कोराना के साये में देवी आराधना, आदिशक्ति के महापर्व का पदार्पण

जबलपुर. आदिशक्ति के महापर्व चैत्र नवरात्र की शुरूआत बुधवार (Wednesday) को शुभ मुहूर्त में घट-कलश स्थापना के साथ की गई. इसी के साथ ही आस्था की लौ में भक्ति की जोत चौतरफा दमकने लगी है जो पूरे नौ दिनों तक दिव्यता को धारण करेगी. कोराना वायरस के चलते शहर में लगे कफर््यू और लॉकडाउन (Lockdown) के कारण नगर की प्रमुख …

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चिंतन-मनन/ हर जीव में व्याप्त नारायण

वैदिक साहित्य से हम जानते हैं कि परम-पुरुष नारायण प्रत्येक जीव के बाहर तथा भीतर निवास करने वाले है. वे भौतिक तथा आध्यात्मिक दोनों जगतों में विद्यमान हैं. यद्यपि वे बहुत दूर हैं, फिर भी हमारे निकट हैं-आसीनो दूरं व्रजति शयानो याति सर्वतरू हम भौतिक इन्द्रियों से न तो उन्हें देख पाते हैं, न समझ पाते हैं अतएव वैदिक भाषा …

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सबकी सुख समृद्धि के लिए होता है। नवसंवत्सर : डॉ. नीलम महेंद्र

जो सभ्यता अपने इतिहास पर गर्व करती है, अपनी संस्कृति को सहेज कर रखती है और अपनी परंपराओं का श्रद्धा से पालन करके पीढ़ी दर पीढ़ी आगे बढ़ाती है वो गुज़रते वक्त के साथ बिखरती नहीं बल्कि और ज्यादा निखरती जाती है. जब चैत्र मास की शुक्ल प्रतिपदा के सूर्योदय के साथ सम्पूर्ण भारत के घर घर में लोग अपने …

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चिंतन-मनन / प्रकाशस्रोत परमात्मा

परमात्मा या भगवान ही सूर्य, चन्द्र तथा नक्षत्रों जैसी प्रकाशमान वस्तुओं के प्रकाशस्रोत हैं. वैदिक साहित्य बताता है कि वैकुंठ राज्य में सूर्य या चन्द्रमा की आवश्यकता नहीं पड़ती, क्योंकि वहां परमेश्वर का तेज विद्यमान है.भौतिक जगत में ब्रम्हज्योति या भगवान का आध्यात्मिक तेज भौतिक तत्वों से ढका रहता है. अत: हमें सूर्य, चन्द्र, बिजली आदि के प्रकाश की आवश्यकता …

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चिंतन-मनन / अंतर्दृष्टि से अनुबंधित है ज्ञान

बुद्धि अच्छी चीज है, पर कोरी बौद्धिकता ही सब कुछ नहीं है. इससे व्यक्ति के जीवन में नीरसता और शुष्कता आती है. ज्ञान अंतर्दृष्टि से अनुबंधित है, इसलिए यह अपने साथ सरसता लाता है. ज्ञानी व्यक्तियों के लिए पुस्तकीय अध्ययन की विशेष अपेक्षा नहीं रहती. भगवान महावीर ने कब पढ़ी थीं पुस्तकेंट आचार्य भिक्षु, संत तुलसी, संत कबीर अदि जितने …

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‘अब एक दिन में 50 हजार श्रद्धालु ही कर सकेंगे वैष्णो देवी के दर्शन’

लोक आस्‍था का केन्‍द्र माने जाने वाले माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए जम्मू जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए अच्छी खबर नहीं है. नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने आदेश जारी करते हुए कहा कि अब माता वैष्णो देवी में एक दिन में सिर्फ 50 हजार यात्री ही दर्शन करेंगे. एनजीटी का यह आदेश आज से ही लागू कर दिया गया …

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वीरवर कल्लाजी राठौड़

  राजेंद्रसिंह कविया, संतोषपुरा सीकर शक्ति भक्ति रजपूती अर मजबूती रंगरूड़ै अर रसभीनै राजस्थानरी पिछाण है आन बान शान अर मरजादा रै पखै केतान कैता जंगी जौधार आपरा जीवण निछावर कर रजवट नै रूखाऴ मरजादा कायम कर अखी जस खाटियो है, आं पूजनीक अर सिमरणा बीरां री यादां में आज घणी जगै थांन चबुतरा थरपिजनै मेऴा भरता रै अर लोक …

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सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद इस तरह से हुई महाकाल की भस्मारती

उज्‍जैन. सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) के आदेश के बाद आज उज्जैन के महाकाल मंदिर स्थित ज्योतिर्लिंग की जो भस्मारती हुई वो कुछ अलग तरीके से की गई. आज प्रात: 4 बजे पूजा के पहले शिवलिंग को पूरी तरह सूती कपड़े से ढंका गया और इसके बाद भष्‍म आरती का अभिषेक किया गया. उसके बाद आरओ के पानी का इस्तेमाल किया …

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भाई-दूज का पौराणिक महत्व और पूजा की विधि

दीपावली के त्योहार के बाद भाई-दूज का पर्व देश में सदियों से मनाया जा रहा है. इस दिन चंद्रमा वृश्चिक राशि में रहेगा और क्षितिज पर विशाखा नक्षत्र रहेगा. भाई दूज के इस त्योहार को यम द्वितीया के रूप में भी मनाते आए हैं. भाई-दूज का यह पावन पर्व भाई और बहन के पवित्र रिश्ते और प्‍यार को दर्शाता है. इस …

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कार्तिकी प्रतिपदा : गोपर्व

श्रीकृष्ण ‘जुगनू’ कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा नववर्षारंभ के रूप में तो मनाई जाती है ही, यह गोपर्व भी है और गोचारण में सहायक लगुड़ या यष्टि अथवा लकुटि-लकड़ी के लिए “लगुड प्रतिपदा” के नाम से भी जानी जाती है. पराशर लिखित ‘कृषि पराशर’ में इस एक मात्र पर्व का उल्लेख मिलता है. कृषि पराशर के श्लोक बृहत्संहिता …

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गोमाता के साथ करें संस्कृति को बचाने का प्रयास

शिवशंकर सिंह चौहान भारतीय सेना में सेवानिवत्ति होने के बाद से पिछले छह साल से अब गोमाता की सेवा कर रहे है. चौहान बताते है कि एक बार वो किसी काम से जा रहे थे कि रास्ते मे उन्होंने एक गोमाता को कूड़ा कचरा कहते हुए देखा. इतना ही नहीं गोमाता की पूछ के पीछे घाव होने के कारण वो …

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वागड़ में अलौकिक शक्तियुक्त हैं आद्यशक्ति आराधन के नौ धाम

कमलेश शर्मा राजस्थान का दक्षिणांचल (बांसवाड़ा-डूंगरपुर (Dungarpur) जिला) वागड़ प्राचीनकाल से ही अपने शिल्प-स्थापत्य, निसर्ग और विशिष्ट परंपराओं के लिए देशभर में प्रसिद्ध रहा है. गुजरात राज्य से सटे होने के कारण वागड़ में आद्य शक्ति आराधन की परंपरा भी प्राचीनकाल से ही विद्यमान रही है. गुजरात की भांति वागड़ में भी देवी पूजा व नवरात्रि महोत्सव आयोजन का विशेष …

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धर्म, कर्म, शक्ति और वैराग्य का समायोजन केवल इसी महानायक के जीवन मे ही देखने को मिला

सुनील पंडित हाथ में भाला, मोतियों से सजी लगाम और लिणण घोड़ी पर सवार वीर तेजाजी महाराज. ये फोटो देखकर अक्सर लोग बाबा रामदेवजी महाराज और इनमें फर्क नहीं कर पाते है लेकिन दरसअल ये लोकदेवता तेजाजी महाराज है. आषाढ़ और भादवे को गर्जना एवं बारिश को झमगट लगी रहती है और तेजाजी का जन्मदिन आता है. आज तेजाजी का …

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महादानी करण भी इनके सामने कुछ नहीं है, लोक कल्याण के लिए इन्होंने अपनी हड्डीये तक कर दी थी दान

आज एक ऐसे महामानव का जन्मदिन है जिसने संसार के कल्याण के लिए अपने प्राणों का बलिदान दे दिया. इस महामानव का नाम दधिचि है. इनके विषय में कथा है कि एक बार वृत्रासुर नाम का एक राक्षस देवलोक पर आक्रमण कर दिया.देवताओं ने देवलोक की रक्षा के लिए वृत्रासुर पर अपने दिव्य अस्त्रों का प्रयोग किया लेकिन सभी अस्त्र …

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जानिये भगवान का भोग 56 ही क्यों होता है, 57 क्यों नहीं

ऐसा कोई धार्मिक आयोजन नहीं देखा या सुना होगा जहां भगवान के 56 भोग का जिक्र नहीं होता हो. 56 भोग आरोगने के बाद तो ठाकुरजी एक्टिव मोड़ पर जल्दी से आ जाते है और इसके बाद जो मांगो वो फटाक से 2 मिनट में दे डालते है. भगतों के लिए सब कुछ छोड़कर आने वाले भगवान कभी भी बिना …

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चिंतन-मनन / विवेक ही धर्म है

युग के आदि में मनुष्य भी जंगली था. जब से मनुष्य ने विकास करना शुरू किया, उसकी आवश्यकताएं बढ़ गई. आवश्यकताओं की पूर्ति न होने से समस्या ने जन्म लिया. समस्या सामने आई तब समाधान की बात सोची गई. समाधान के स्तर दो थे- पदार्थ-जगत, मनो-जगत. प्रथम स्तर पर पदाथरे के सुनियोजित उत्पादन और उनकी व्यवस्था को आकार मिला. दूसरा …

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कोरोना के खौफ से श्रीहरिमंदिर साहिब में संगत की आमद नाममात्र

अमृतसर . कोरोना (Corona virus) के खौफ के कारण श्री हरिमंदिर साहिब में संगत की आमद नाममात्र रही. श्री हरिमंदिर साहिब परिसर व दूसरे गुरुद्वारों में आने वाली संगत की हिफाजत के लिए शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने पुख्ता प्रबंध किए हैं. मुख्य सचिव डा. रूप सिंह ने बताया कि फिलहाल घंटाघर वाली साइड पर सेहत विभाग व शिरोमणि कमेटी …

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चिंतन-मनन / धर्म क्या है?

धर्म के मुख्यत: दो आयाम हैं. एक है संस्कृति, जिसका संबंध बाहर से है. दूसरा है अध्यात्म, जिसका संबंध भीतर से है. धर्म का तत्व भीतर है, मत बाहर है. तत्व और मत दोनों का जोड़ धर्म है. तत्व के आधार पर मत का निर्धारण हो, तो धर्म की सही दिशा होती है. मत के आधार पर तत्व का निर्धारण …

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कोरोना: माता वैष्णो देवी की यात्रा आज से बंद, अंतर्राज्यीय बसों आने जाने पर रोक

नई दिल्ली (New Delhi) . कोरोना (Corona virus) के चलते श्री माता वैष्णो देवी की यात्रा आज से बंद किया गया है. वहीं जम्मू-कश्मीर से आने और जाने वाली सभी अंतर्राज्यीय बसों के परिचालन पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. इससे पहले वैष्णो देवी धाम स्थित अर्द्धकुंवारी प्राकृतिक गुफा को बंद किया गया था. वहीं श्रीनगर (Srinagar) एनआईटी के बाद …

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आम तौर पर लोग शनि देव के प्रकोप से भयभीत रहते लेकिन भक्तों पर कृपा-दृष्टि भी रखते हैं शनिदेव

आम तौर पर लोग शनि देव के प्रकोप से भयभीत रहते हैं. लोगों के मन में भय रहता है कि जाने,अनजाने कहीं शनि भगवान नाराज न हो जाए. शनिदेव का नाराज होना वाकई कष्टदायी हो सकता है. शनिदेव प्रसन्न हो जाएं तो रंक को राजा वहीं क्रोधित हो जाएं तो राजा को रंक बनने में देर नहीं लगती है. इसलिए …

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घर में सौभाग्य के लिए लगाये शमी का पेड़

प्राचीन मान्यता है कि शमी का पेड़ घर में सौभाग्य लाता है. शमी का पेड़ लगाने से उसमें रहने वालों पर देवी-देवताओं की कृपा बनी रहती है और घर में सकारात्‍मक ऊर्जा के साथ सुख-समृद्धि भी बनी रहती है. भगवान शिव को शमी के फूल अति प्रिय माने जाते हैं. रोजाना पूजा के वक्‍त उन्‍हें यह फूल अर्पित करने से …

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सूर्य देव उपासना से पूरे होंगे सभी काम

रविवार (Sunday) के दिन सूर्य देव की आराधाना से मान सम्मान मिलता है. इस दिन व्रत रखने से सूर्यदेव शीघ्र प्रसन्न होते हैं. अगर आपके मन में कई सारी इच्छाएं और मनोकामनाएं हैं, तो आप उनको पूरा करने रविवार (Sunday) का व्रत करें. सूर्य देव की कृपा के लिए रविवार (Sunday) का व्रत सबसे श्रेष्ठ माना जाता है, क्योंकि ये …

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हस्तरेखा से जानें कब आएगा धन

आपके हाथ की रेखाएं भी काफी कुछ बताती हैं. ज्योतिष और हस्तरेखा के अनुसार रेखाएं यह भी बताती हैं कि वह धनवान बनेगा या नहीं. इस बात में कुछ सच्चाई तो है कि आपके हाथ की लकीरें आपकी किस्मत का हाल बताती हैं. इन लकीरों में किस्मत से जुड़े कई रहस्य निहित रहते हैं. ज्यादातर लोग यही जानना चाहते हैं …

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चिंतन-मनन / कैसे जानेंगे कि आप ताकतवर हैं या कमज़ोर

हमलोगों में एक बड़ी ही अजीब बात है अगर सामने वाला अपने से कमज़ोर दिखता है तो हम उसकी छोटी सी गलती पर भी भड़क उठते हैं और मार-पीट करने तक के लिए तैयार हो जाते हैं. इसके उलट अगर सामने वाला ताकतवर है तो उसकी बड़ी गलती पर भी खामोश रह जाते हैं. इसकी वजह है हमारी कमज़ोरी. हम …

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गंगोत्री-यमुनोत्री के विकास में मदद करेगी मोदी सरकार

नई दिल्ली (New Delhi) . पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री प्रह्लाद पटेल ने कहा कि केंद्र सरकार (Government) गंगोत्री-यमुनोत्री तीर्थयात्रा अवसंरचना विकास योजना के लिए मदद प्रदान करेगी. जैसे ही राज्य सरकार (Government) (State government) की तरफ से इस बाबत डीपीआर आएगा, केंद्र मंजूरी प्रदान करेगा. लोकसभा (Lok Sabha) में प्रश्नकाल के दौरान पटेल ने नैनीताल के सांसद (Member of parliament) …

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चिंतन-मनन / नित अभ्यास से दर्शन कर सकते हैं ईश्वर का

सभी शास्त्र कहते हैं कि बिना भगवान को प्राप्त किये मुक्ति नहीं मिल सकती है. इसलिए भगवान की तलाश के लिए कोई व्यक्ति मंदिर जाता है तो कोई मस्जिद, कोई गुरूद्वारा, तो कोई गिरजाघर. लेकिन इन सभी स्थानों में जड़ स्वरूप भगवान होता है. अर्थात ऐसा भगवान होता है जिसमें कोई चेतना नहीं होती है. असल में भगवान की चेतना …

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चिंतन-मनन / ईश्वर को पाने के लिए प्रेम मार्ग से गुजरना होगा

प्रेम शक्ति भी है और आसक्ति भी. जब व्यक्ति का प्रेम कामना रहित होता है तो यह शक्ति होती है और जब प्रेम में किसी चीज को पाने का लोभ रहता है तो यह आसक्ति बन जाती है. सच्चा प्रेम वह होता है जो प्रेम में किसी प्रकार का लोभ और किसी चीज को पाने की कामना नहीं रखता है. …

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रामलला मंदिर के पुजारी सत्येंद्र दास ने कहा, प्रसाद पर लगा प्रतिबंध हटना चाहिए

अयोध्या . रामलला मंदिर के पुजारी सत्येंद्र दास के मुताबिक, इस दौरान रोजाना ठाकुर जी की ड्रेस दिन के हिसाब के रंगों में बदली जाती है. साथ ही कलश स्थापना कर नव ग्रहों का आह्वान होता है. पेड़ा,मेंवा लड़डू आदि का भोग लगता है. इसके साथ ट्रस्ट के पदाधिकारी और भव्यता बढ़ने के लिए जो जोड़ना चाहते है,उस भी जोड़ा …

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राम जन्मभूमि में नवरात्रि पर आरती में शामिल हो सकेंगे श्रद्धालु

रामलला की मूर्तियों को अस्थायी मंदिर से 200 मीटर की दूरी पर स्थापित की जाएगी इलाहाबाद . राम नवमी त्योहार के दौरान अगले महीने रामजन्मभूमि परिसर में पहली बार श्रद्धालु आरती में शामिल हो सकेंगे. रामलला की मूर्तियों को वर्तमान में अस्थायी मंदिर से 200 मीटर की दूरी पर स्थापित करने की व्यवस्था की जा रही है. भगवान राम के …

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तिरुपति मंदिर में 17 मार्च से टोकन से दर्शन कर सकेंगे श्रद्धालु

हैदराबाद . देशभर में फैले कोरोनावायरस का असर मंदिरों में भी दिखने लगा है. सावधानी बरतते हुए लोग अधिक भीड़-भाड़ वाली जगहों में जाने से बच रहे हैं. इसी बीच आंध्रप्रदेश में स्थित तिरुमाला के भगवान वेंकेटेश्वर मंदिर में भी इसका असर देखने को मिल रहा है. केंद्र और राज्य सरकार (Government) (State government) की एडवाजरी का पालन करते हुए …

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खरमास शुरू, 15 अप्रैल से बजेगी शहनाई, अप्रैल माह में 6 दिन व मई और जून में भी है लग्न

इस वर्ष 16 जनवरी से शुरू हुए विवाह के शुभ मुहूर्त पर एक बार फिर से ब्रेक लग गया है. होली के त्योहार मनाने के तीन दिन बाद ही 14 मार्च को खरमास की शुरुआत हो गई. इससे अब समाज में होने वाली शादी विवाह आदि के कार्यों पर अगले एक महीने तक यानी 13 अप्रैल तक रोक लग गई …

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चिंतन-मनन / परमात्मा का दिव्य उपहार है जीवन

मानव जीवन परमात्मा का दिव्य उपहार है. जिंदगी को जीना सीखें. कुछ लोग जिंदगी को जीते हैं, कुछ लोग काटते हैं. जिसको जीना और जाना आ गया वह जीवन में सफल हो गया. हे मनुष्य एक दिन भी जी, अटल विश्वास बनकर जी. ‘ब्राह्मो मुहूर्ते बुध्येत, धर्मार्थों चातुचिन्तयेत्?’ अर्थात्? व्यक्ति ब्रह्म मुहूर्त में जागे और धर्म एवं अर्थ के विषय …

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हारे का सहारा खाटू श्याम हमारा : अग्रवाल

यहां फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की द्वादशी को श्याम बाबा का विशाल वार्षिक मेला भरता है जिसमें देश -विदेशों से आये करीबन 25 से 30 लाख श्रृ़द्धालु शामिल होते है. इस मंदिर में भीम के पौत्र और घटोत्कव के पुत्र बर्बरीक की श्याम यानी कृष्ण के रूप में पूजा की जाती है. इस मंदिर के लिए कहा जाता है …

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चार्टर प्लेन से आएगा रामलला का बुलेटप्रूफ अस्थाई मंदिर

अयोध्या . श्रीराम जन्म भूमि (shreeraam janm bhoomi) पर गर्भगृह में विराजमान रामलला की सुरक्षा से सरकार (Government) कोई समझौता करने को तैयार नहीं है. इसी लिए गृह मंत्रालय (Home Ministry) ने गोपनीय स्थान पर बुलेट प्रूफ फाइबर का अस्थाई मंदिर बनवाने का निर्णय लिया है. फाइबर के बने इस अस्थाई ढ़ांचे को सुरक्षा के सभी फीचरों से लैस किया …

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चिंतन-मनन / इच्छा का लक्ष्य है खुशी

बुरी आदत को छोड़ने की असमर्थता तुम्हें तकलीफ देती है. जब तुम बहुत पीड़ित होते हो, वह व्यथा तुम्हें उस आदत से छुटकारा दिलाती है. जब तुम अपनी कमियों से व्यथा महसूस करते हो, तब तुम साधक हो. पीड़ा तुम्हें आसक्ति से दूर करती है. यदि अपने दुर्गुणों को हटा नहीं सकते, तो उन्हें विस्तृत कर दो. चिन्ता, अभिमान, प्रोध, …

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पीले रंग को इसलिए मानते हैं शुभ

आमतौर पर लोग शुभ कार्यों में पीले रंग के वस्त्र धारण करते हैं. ज्योतिष में भी पीले रंग को खास महत्व दिया गया है. पीले रंग का संबंध गुरु बृहस्पति से भी माना गया है.यह सूर्य के चमकदार हिस्से वाला रंग है. यह मुख्य रंगों का हिस्सा है और यह रंग स्वभाव से गर्म और ऊर्जा पैदा करने वाला होता …

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घर से हटा दें नकारात्मक ऊर्जा वाली वस्तुएं

जीवन में सभी खुशहाली चाहते हैं पर कई बार हमें काफी प्रयास के बाद भी सफलता नहीं मिलती. वास्तुशास्त्र के अनुसार कुछ चीजों से घर में नकारात्मकता आती है. इन नकारात्मक ऊर्जा वाली वस्तुएं घर में रखने से मनुष्य को दुर्भाग्य और गरीबी का सामना भी करना पड़ जाता है. ऐसी चीजों को भूलकर भी घर में नहीं रखना चाहिए. …

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रोटी भी बदल सकती है किस्मत, एक बार आजामकर देखें

रोटी, कपड़ा और मकान यह इंसान की 3 सबसे पहली जरुरत है. रोटी के कुछ ऐसे उपाय हमें किताबों में मिलते हैं जो आश्चर्य में डाल देते हैं. आइए जानते हैं कुछ ऐसे टोटके रोटी के, जो हमारा नसीब भी बदल सकते हैं. घर की रसोई में पहली रोटी सेंकने के बाद उसमें शुद्ध घी लगाकर चार टुकड़े कर लें …

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माणिक्य पहनने से पहले रखें ये सावधानियां

रत्नों का हमारे मन और शरीर पर विशेष प्रभाव रहता है. इससे भाग्य भी बदल जाता है, इसलिए ग्रहों की समस्या होने पर रत्न पहनने की सलाह दी जाती है. रत्न पहनते समय इस बात का ध्यान रखें कि वह सही हो क्योंकि गलत रत्न के विपरीत प्रभाव पड़ते हैं. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार माणिक्य रत्न सूर्य का प्रतिनिधित्व करता …

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चिंतन-मनन / जीव परमेश्वर की परा शक्ति

जीव परमेश्वर की परा प्रकृति (शक्ति) है. अपरा शक्ति तो पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु, आकाश, मन, बुद्धि तथा अहंकार जैसे विभिन्न तत्वों के रूप में प्रकट होती है. भौतिक प्रकृति के ये दोनों रूप-स्थूल (पृथ्वी आदि) तथा सूक्ष्म (मन आदि) अपरा शक्ति के ही प्रतिफल हैं. जीव जो अपने विभिन्न कार्य के लिए अपरा शक्तियों का विदोहन करता रहता है, …

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499 साल बाद चार ग्रहाें की चाल लेकर आ रही होली, भद्रा के बजाय सर्वार्थ सिद्धि याेग में मनेगी

499 साल बाद चार ग्रहों की चाल होली पर्व के साथ देश में सुख-समृद्धि व शांति का संयाेग लेकर आ रही है. हिंदी पंचांग में 9 मार्च को फाल्गुन पूर्णिमा साेमवार के दिन होलिका दहन किया जाएगा. दूसरे दिन मंगलवार (Tuesday) को होली खेली जाएगी. होली के दिन गुरु व शनि का विशेष याेग बन रहा है. यानी दाेनाें ग्रह …

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होलाष्टक में बंद होंगे शुभ संस्कार : होली के आठ दिन पहले से शुरु होता है होलाष्टक

भोपाल (Bhopal) . होली के पर्व से आठ दिन पहले शुरु होने वाले होलाष्टक में शुभ संस्कार बंद हो जाते हैं. होलाष्टक को अशुभ मानने की मान्यता के चलते आठ दिनों तक शुभ संस्कार नहीं किये जाते हैं. इस दौरान पूजा-पाठ करना ही श्रेष्ठ माना जाता है. होलाष्टक दो मार्च से प्रारंभ हो रहा है, जो नौ मार्च यानी होलिका …

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ग्रहों ने बदली चाल राजनीतिक क्षेत्र में होगी भारी उथल-पुथल

भोपाल (Bhopal) . ज्योतिषियों के अनुसार 28 फरवरी की रात 10:19 बजे ग्रहों की चाल बदल जाएगी. शुक्र ग्रह, मीन राशि से निकलकर मेष राशि में प्रवेश करेगा. जिसके कारण देश में राजनीति के क्षेत्र में भारी उथल-पुथल होने की संभावनाएं बन गई हैं. ज्योतिषियों के अनुसार शुक्र ग्रह जीवन तथा ऊर्जा शक्ति को प्रभावित करने वाला ग्रह है. किसी …

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रंग भी बताता है व्यक्तित्व : लाल रंग को पसंद करने वाले लोग जीवन को भरपूर आनंद के साथ जीना पसंद करते हैं

रंगों का भी हमारे जीवन में अहम स्थान है. रंगों को लेकर सबकी अपनी अलग-अलग पसंद होती है. ऐसा माना जाता है कि लोगों के पसंदीदा रंग केवल उनकी खुशी ही नहीं, बल्कि उनके व्यक्तित्व के बारे में भी जानकारी देते हैं. आप किसी भी इंसान के पसंदीदा रंग के आधार पर उसकी पूरी शख्सियत का अंदाजा लगा सकते हैं. …

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आदिकाल से ही इसलिए चढ़ाए जाते हैं नारियल और नींबू

आदिकाल से ही दुनिया के लगभग सभी धर्मों में बलि देने की प्रथा मौजूद रही है हालांकि ईश्वर भाव का भूखा होता हैं. आजतक किसी ने भगवान को कभी किसी वस्तु का उपभोग करते हुए नहीं देखा है. भारत में भी कई जगहों पर देवी देवताओं को जानवरों की बलि दी जाती रही है. परन्तु क्या आप जानते हैं कि …

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हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार हथेली के निशान भी होते हैं शुभ अशुभ

हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार हमारी हथेली पर ऐसे कई निशान होते हैं जो छोटी-छोटी रेखाओं के मिलने या टकराने से बनते हैं. इनमें कुछ निशान हमें शुभ फल प्रदान करते हैं, किंतु कुछ बेहद अशुभ होते हैं. कुछ खास स्थितियों में चक्र का निशान जहां हथेली के कुछ शुभ निशानों में माने जाते हैं, वहीं कुछ ऐसे निशान भी हैं …

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चंद्रमा से बनने हैं कई प्रकार के योग / सीधा असर व्यक्ति के मन और संस्कारों पर

चंद्रमा पृथ्वी पर सबसे ज्यादा असर डालने वाला ग्रह है. इसका सीधा असर व्यक्ति के मन और संस्कारों पर पड़ता है. इसलिए चंद्रमा से बनने वाले एक-एक योग इतने ज्यादा महत्वपूर्ण होते हैं. चंद्रमा से तीन प्रकार के शुभ योग बनते हैं- अनफा, सुनफा और दुरधरा इन तीनों में से एक योग भी अगर कुंडली में हो तो व्यक्ति को …

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वास्तु का महत्व / पुराने समय से लोग घर बनाते समय वास्तु का ध्यान रखते आए हैं

घर में वास्तु का बड़ा महत्व है. पुराने समय से लोग घर बनाते समय वास्तु का ध्यान रखते आए हैं. आज के आधुनिक दौर में भी यह परंपरा बनी हुई है. इसके पीछे मान्यता है कि दिशाओं का और घर के हर हिस्से की ऊर्जा स्तर होता है. इसका ध्यान रखने से हम अपनी परेशानियों को काफी हद तक कम …

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चिंतन-मनन / सत्य की खोज अनंत

सत्य का अर्थ होता है, अनंत. सत्य की खोज का कोई अंत नहीं होता. यात्रा शुरू तो होती है, पर पूरी नहीं होती. पूरी हो ही नहीं सकती. क्योंकि अगर पूरी हो जाए यात्रा तो उसका अर्थ होगा कि सत्य भी सीमित है. तुम आ गए आखिरी सीमा पर, फिर उसके पार क्या होगा? नहीं, सत्य असीम है. यही तो …

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28 साल में पहली बार बुलेटप्रूफ कॉटेज में शिफ्ट होंगे रामलला, सोमनाथ से बड़ा होगा मंदिर का गर्भगृह

अयोध्या . अयोध्या में 28 साल में पहली बार टेंट के नीचे विराजमान रामलला की मूर्ति को एक बुलेटप्रूफ फाइबर स्ट्रक्चर के नीचे रखा जाएगा. इसमें एक पारदर्शी ग्लास भी लगा होगा, जिससे श्रद्धालु रामलला के बेरोक-टोक दर्शन कर सकेंगे. राम मंदिर (Ram Temple) ट्रस्ट के महामंत्री चंपत राय ने बताया कि अयोध्या में राम मंदिर (Ram Temple) के निर्माण …

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चिंतन-मनन : निरोगी काया भी हो ध्येय

सच्चे अर्थों में जीवन उतने ही समय का माना जाता है, जितना स्वस्थतापूर्वक जिया जा सके. कुछ अपवादों को छोड़कर अस्वस्थता अपना निज का उपार्जन है. सृष्टि के सभी प्राणी प्राय: जीवन भर निरोग रहते हैं. मनुष्य की उच्छृंखल आदत ही उसे बीमार बनाती है. जीभ का चटोरापन अतिशय मात्रा में अखाद्य खाने के लिए बाधित करता रहता है. जितना …

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चिंतन-मनन / दु:खी होने की बजाय दुख का उपचार करें

लोगों से अपने सुना होगा कि संसार में दु:ख ही दु:ख है. असफलता मिलने पर कई बार आप भी यही सोचते होंगे, जबकि वास्तविकता इससे भिन्न है. संसार में दु:ख इसलिए है क्योंकि संसार में सुख है. अगर सुख नहीं होता तो दु:ख का अस्तित्व भी नहीं होता है. ईश्वर हमें दु:ख की अनुभूति इसलिए करवाता है ताकि हम सुख …

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राम मंदिर में एक और मंजिल जोड़ने का प्रस्ताव

नई दिल्ली (New Delhi) . अयोध्या में भव्य राम मंदिर (Ram Temple) के विश्व हिंदू परिषद के नक्शे में थोड़ा बदलाव कर इसकी ऊंचाई बढ़ाते हुए एक और मंजिल जोड़ी जा सकती है. मंदिर के पुराने नक्शे में कुछ बदलाव कर उसे भव्य रूप प्रदान करने का सुझाव आया है. अब मंदिर के लिए दो मंजिल के बजाय तीन मंजिल …

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Good News रामलला के नाम पर नहीं भरेगी जेब : दान-चंदा नहीं ले सकते अन्य ट्रस्ट, सरकार ने लगाई रोक

अयोध्या . रामलला के नाम पर मंदिर निर्माण पर हर किसी की जेब नहीं भर पाएगी. निर्माण से लेकर किसी भी गतिविधि के लिए अब अधिकृत ट्रस्ट के अलावा कोई अन्य ट्रस्ट/संस्था या व्यक्ति चंदा, दान-अनुदान नहीं ले सकेगा. श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र बोर्ड की बैठक के बाद यह एडवाइजरी गृह मंत्रालय (Home Ministry) ने सभी प्रदेशों को जारी की है. …

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चिंतन-मनन : कहीं आप भी पाप की पूंजी तो जमा नहीं कर रहे

क्या आपने कभी किसी के ऊपर हो रहे अत्याचार के विरूद्ध आवाज उठायी है. किसी कमज़ोर और लाचार को पिटता देखकर मदद के लिए आगे आएं हैं. अगर आपने ऐसा नहीं किया है तो समझ लीजिए आपने अपने खाते में पाप की पूंजी जमा कर ली है. शाŒााW में जिस प्रकार से पाप और पुण्य को परिभाषित किया गया है …

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श्रद्धालुओं के लिए 29 अप्रैल को खुलेंगे केदारनाथ धाम के द्वार

गोपेश्वर . केदारनाथ मंदिर के द्वार 29 अप्रैल को श्रद्धालुओं के लिए पुन: खोल दिए जाएंगे. बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष मोहन प्रसाद थपलियाल ने बताया कि मंदिर के द्वार सुबह छह बज कर दस मिनट पर खोले जाएंगे. उखीमठ के ओंकारेश्वर मंदिर में, महाशिवरात्रि के अवसर पर आयोजित एक धार्मिक समारोह में केदारनाथ मंदिर के द्वार पुन: खोले जाने …

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विश्वप्रसिद्ध ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती के 808वें सालाना उर्स झंडा चढ़ाने की रस्म के साथ आगाज

अजमेर . विश्वप्रसिद्ध ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती के 808वें सालाना उर्स दरगाह के बुलंद दरवाजे पर झंडा चढ़ाने की रस्म के साथ अनौपचारिक आगाज हो गया है. गुरुवार (Thursday) शाम को असर की नमाज के बाद भीलवाड़ा के गौरी परिवार ने बरसों पुरानी परंपरा को निभाते हुए दरगाह के बुलंद दरवाजे पर झंडा चढ़ाने की रस्म को अदा की. इस …

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बुलेटप्रूफ मंदिर में रामलला होंगे शिफ्ट

अयोध्या . राम मंदिर (Ram Temple) निर्माण के दौरान रामलला को परिसर से दूसरी जगह अस्थायी मंदिर में स्थापित करने के लिए जगह का चयन कर लिया गया है. रामलला मंदिर के पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास के मुताबिक, रामलला को मानस भवन के दक्षिण में खाली पड़े स्थान पर स्थापित किया जाएगा. उन्होंने बताया कि सुरक्षा अधिकारी के साथ तकनीकी …

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मेहनती होते है गुरूवार के दिन पैदा हुए लोग

नई दिल्ली (New Delhi) . हिन्दू धर्म में ज्योतिष शास्त्र को बड़ा महत्व है. किसी भी जातक की कुंडली बनाते समय इस बात पर भी ध्यान दिया जाता है कि उस व्यक्ति का जन्म किस दिन हुआ था. ज्योतिष के अनुसार, हफ्ते के दिन भी जातक के गुणों और स्वभाव पर प्रभाव डालते हैं. यदि किसी का जन्म गुरुवार (Thursday) …

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चिंतन-मनन : शरीर तो मंदिर है

आस्तिकता और कर्त्तव्यपरायणता की सद्वृत्ति का प्रभाव सबसे पहले सबसे समीपवर्ती स्वजन पर पड़ना चाहिए. हमारा सबसे निकटवर्ती सम्बन्धी हमारा शरीर हैं. उसके साथ सद्व्यवहार करना, उसे स्वस्थ और सुरक्षित रखना अत्यावश्यक है. शरीर को नर कहकर उसकी उपेक्षा करना अथवा उसे सजाने-संवारने में सारी शक्ति खर्च कर देना, दोनों ही ढंग अकल्याणकारी हैं. शरीर हमारा सदा सहायक सेवक है. …

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जानिये घर में शंख रखने और बजाने के ये हैं ग्यारह आश्चर्यजनक लाभ

प्राचीनकाल से पूजा-पाठ में शंख रखने और बजाने का चलन है. हमारे देश के कई भागों में लोग शंख को पूजाघर में रखते हैं और इसे नियमित रूप से बजाते भी हैं.  ऐसे में यह उत्सुकता एकदम स्वाभाविक है कि शंख केवल पूजा-अर्चना में ही उपयोगी है या इसका सीधे तौर पर कुछ लाभ भी है! हिन्दू धर्म की कई …

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चिंतन-मनन : प्रभु भक्ति में बीते समय

यह भौतिक जगत प्रकृति के गुणों के चमत्कार के अन्तर्गत कार्य कर रहा है. मनुष्य को चाहिए कि वह अपनी चेतना कृष्ण कार्य में लगाए. कृष्णकार्य भक्तियोग के नाम से विख्यात हैं. इसमें न केवल कृष्ण अपितु उनके विभिन्न पूर्णाश भी सम्मिलित हैं- यथा राम तथा नारायण. कृष्ण के असंख्य अंश हैं, जो उनके किसी भी रूप या पूर्णाश की …

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नागा साधुओं की तपोस्थली है पातालेश्वर धाम : शिवरात्रि पर लगेगा मिनी महादेव मेला

छिंदवाड़ा . शहर का पातालेश्वर धाम नागा साधुओं की तपोस्थली है यह वह स्थल है जहां पाताल से स्वयं शिवलिंग प्रकट हुआ था और नागा साधुओं ने इसे पातालेश्वर नाम दिया था.पातालेश्वर धाम शहर के बसने के इतिहास से जुड़ा है पहले यहां घना जंगल था आबादी का नामोनिशान नही था तब नागासाधुओं ने यहां डेरा डालकर भगवान भोलेनाथ की …

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चिंतन-मनन : उत्तम शरण है धर्म

धर्म के बारे में भिन्न-भिन्न अवधारणाएं हैं. कुछ जीवन के लिए धर्म की अनिवार्यता को स्वीकार करते हैं. कुछ लोगों का अभिमत है कि धर्म ढकोसला है. वह आदमी को पंगु बनाता है और रूढ़ धारणाओं के घेरे में बंदी बना लेता है. शायद इन्हीं अवधारणाओं के आधार पर किसी ने धर्म को अमृत बताया और किसी ने अफीम की …

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चिंतन-मनन : सर्वव्यापक और न्यायकारी ईश्वर

ईश्वर का दंड एवं उपहार दोनों असाधारण हैं. इसलिए आस्तिक को सदा ध्यान रहेगा कि दंड से बचा जाए और उपहार प्राप्त किया जाए. यह प्रयोजन छुटपुट पूजा-अर्चना, जप-ध्यान से पूरा नहीं हो सकता. यह भावनाओं और प्रियाओं को उत्कृष्टता के सांचे में ढालने से ही पूरा होता है. न्यायनिष्ठ जज की तरह ईश्वर किसी के साथ पक्षपात नहीं करता. …

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चिंतन-मनन : राष्ट्रीय एकता में बाधक तत्व

आर्थिक और सामाजिक असमानता राष्ट्रीय एकता में बहुत बड़ी बाधा है. उस असमानता का मूल है अहं और स्वार्थ. इसलिए राष्ट्र की भावात्मक एकता के लिए अहं-विसर्जन और स्वार्थ-विसर्जन को मैं बहुत महत्व देता हूं. जातीय असमानता भी राष्ट्रीय एकता का बहुत बड़ा विघ्न है. उसका भी मूल कारण अहं ही है. दूसरों से अपने को बड़ा मानने में अहं …

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चिंतन-मनन : मन की शक्ति

मन को जीवन का केंद्रबिंदु कहना असंभव नहीं है. मनुष्य की प्रियाओं, आचरणों का प्रारंभ मन से ही होता है. मन तरह-तरह के संकल्प, कल्पनाएं करता है. जिस ओर उसका रुझान हो जाता है उसी ओर मनुष्य की सारी गतिविधियां चल पड़ती है. जैसी कल्पना हो उसी के अनुरूप प्रयास-पुरुषार्थ एवं उसी के अनुसार फल सामने आने लगते हैं. मन …

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चिंतन-मनन : विचार-निर्विचार, चिंतन-अचिंतन

पूरा विश्व, विचारों पर चलता है, सारे आविष्कार, युध्द, आतंकवाद, साहित्य सृजन, भाषण, प्रवचन, तू-तू, मैं-मैं सब विचारों की देन है. विचार ही सब कार्यों को अंजाम देता है. भक्ति, प्रार्थना, व्यवहार, सेवा सब विचारों की देन है. हम सोचते हैं तो करते हैं होता है. अब प्रश्न यह है कि विचार कैसे हो, दो श्रेणियों में बांटा गया है …

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चिंतन-मनन : प्रधानता आत्मा को

मनुष्य सामान्यत: जो बाह्य में देखता, सुनता, समझता है वह यथार्थ ज्ञान नहीं होता. किन्तु भ्रमवश उसी को यथार्थ ज्ञान मान लेता है. अवास्तविक ज्ञान को ही ज्ञान समझकर और उसके अनुसार अपने कार्य करने केकारण मनुष्य अपने मूल उद्देश्य सुख-शान्ति की दिशा में अग्रसर न होकर विपरीत दिशा में चल पड़ता है. यथार्थ ज्ञान की अनुभावक मनुष्य की अंतरात्मा …

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चिंतन-मनन : जहाँ शांति है वही सुख

यदि हमारे पास दुनिया का पूरा वैभव और सुख-साधन उपलब्ध है परंतु शांति नहीं है तो हम भी आम आदमी की तरह ही हैं. संसार में मनुष्यों द्वारा जितने भी कार्य अथवा उद्यम किए जा रहे हैं सबका एक ही उद्देश्य है ‘शांति’. सबसे पहले तो हमें ये जान लेना चाहिए कि शांति क्या है? शांति का केवल अर्थ यह …

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इस साल होंगे 366 दिन, शिवरात्रि 21 फरवरी काे…हिंदू नववर्ष 25 मार्च से

लीप ईयर के चलते फरवरी 29 दिन का रहेगा. हर चार वर्ष बाद आने वाला वर्ष लीप वर्ष या अधिवर्ष कहलाता है. लीप वर्ष में 365 के स्थान पर 366 दिन होते हैं. पृथ्वी को सूर्य का चक्कर लगाने में 365 दिन और लगभग 6 घंटे लगते हैं. इस कारण से प्रत्येक चार वर्ष में एक दिन अधिक हो जाता …

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चिंतन-मनन : जीना और मरना

जिस भांति हम जीते हैं, उसे जीवन नाममात्र को ही कहा जा सकता है. हमे न जीवन का पता है; न जीवन के रहस्य का द्वार खुलता है. न जीवन के आनंद की वष्रा होती है; न हम यह जान पाते हैं कि हम क्यों जी रहे हैं, किसलिए जी रहे हैं? हमारा होना करीब-करीब न होने के बराबर होता …

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तीस अप्रैल को तड़के साढ़े चार बजे खुलेंगे बद्रीनाथ धाम के कपाट

देहरादून (Dehradun) . उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्थित प्रसिद्ध बद्रीनाथ धाम के कपाट छह माह के शीतकालीन अवकाश के बाद इस वर्ष 30 अप्रैल को श्रद्धालुओं के लिए फिर खोल दिए जाएंगे. श्री बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष मोहन प्रसाद थपलियाल ने बताया कि मंदिर के कपाट विधिवत पूजा अर्चना के बाद 30 अप्रैल को तड़के साढ़े …

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चिंतन-मनन : ईश्वरीय सिद्धांत

तीन अत्यन्त महत्त्वपूर्ण सिद्धांत व्यक्त होते हैं- यह जो संसार है परमात्मा से व्याप्त है, उसके अतिरिक्त सब मिथ्या है, माया है, भ्रम है, स्वप्न है. मनुष्य को उसकी इच्छानुसार सृष्टि संचालन के लिए कार्य करते रहना चाहिए. मनुष्य में जो श्रे…ता-शक्ति या सौन्दर्य है वह उसके दैवी गुणों के विकास पर ही है. मनुष्य जीवन के सुख और उसकी …

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चिंतन-मनन : अपूर्णता से पूर्णता की ओर

मनुष्य का बाह्य जीवन वस्तुत: उसके आंतरिक स्वरूप का प्रतिबिम्ब मात्र होता है. जैसे ड्राइवर मोटर की दिशा में मनचाहा बदलाव कर सकता है. उसी प्रकार, जीवन के बाहरी ढर्रे में भारी और आश्चर्यकारी परिवर्तन हो सकता है. वाल्मीकि और अंगुलिमाल जैसे भयंकर डाकू क्षण भर में परिवर्तित होकर इतिहास प्रसिद्ध संत बन गये. गणिका और आम्रपाली जैसी वीरांगनाओं को …

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चिंतन-मनन : द्वंद्व के बीच शांति की खोज

केवल ज्ञान की बातें करों. किसी व्यक्ति के बारे में दूसरे व्यक्ति से सुनी बातें मत दोहराओ. जब कोई व्यक्ति तुम्हें नकारात्मक बातें कहे, तो उसे वहीं रोक दो, उस पर वास भी मत करो. यदि कोई तुम पर कुछ आरोप लगाये, तो उस पर वास न करो. यह जान लो कि वह बस तुम्हारे बुरे कर्मो को ले रहा …

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मकर संक्रांति को लेकर पवित्र नदियों में लगायी आस्था की डुबकी

रांची (Ranchi) . मकर संक्रांति को लेकर राजधानी रांची (Ranchi) स्थित स्वर्णरेखा नदी सहित राज्य की विभिन्न नदियों में आज लोगों ने आस्था की डुबकी लगाई. इस दौरान पूरे इलाके का माहौल भक्तिमय बना रहा. मकर संक्रांति िंहंदुओं का प्रमुख पर्व है. इस दिन भारतीय संस्कृति के विविध स्वरूप का दर्शन होता है. मकर संक्रांति पूरे भारत और नेपाल में …

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सबरीमाला में मकरविलक्कू उत्सव के लिए भारी सुरक्षा प्रबंध

सबरीमला . भगवान अयप्पा के प्रसिद्ध मंदिर परिसर में यहां बुधवार (Wednesday) के मकरविलक्कू उत्सव के लिए सुरक्षा की व्यापक व्यवस्था की गई है. मंदिर का प्रबंधन करने वाले त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (टीडीबी) ने कहा है कि श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जमा होने के मद्देनजर सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एनडीआरएफ और त्वरित प्रतिक्रिया बल की टीम मंदिर के अंदर …

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चिंतन-मनन : प्रकृति की तीन शक्तियां

प्रकृति में तीन शक्तियां हैं- ब्रह्म शक्ति, विष्णु शक्ति और शिव शक्ति. प्राय: तुममें कोई भी एक शक्ति अधिक प्रबल होती है. ब्रह्म शक्ति वह ऊर्जा है जो नव-निर्माण करती है; विष्णु शक्ति ऊर्जा का पालन करती है और शिव शक्ति वह ऊर्जा है जो रूपांतरण करती है- नया जीवन देकर या संहार कर. तुममें से कुछ हैं जिनमें ब्रह्म …

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चिंतन-मनन : बाहरी विकार

एक व्यक्ति संन्यासी के पास पहुंचा और बोला, बाबाजी! मुझे परमात्मा से मिला दो. संन्यासी ने बात टालनी चाही. लेकिन वह अपनी बात पर अड़ा रहा. संन्यासी ने उसकी भावना परखने की दृष्टि से कहा, भगवान से मिलना है तो कल आना होगा. दूसरे दिन फिर यही उत्तर मिला. लेकिन वह निराश नहीं हुआ, निरन्तर आता रहा. संन्यासी ने देखा,इसे …

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आत्महत्या का दिमागी खेल क्या होता हैं ?

(लेखक- डॉ. अरविन्द प्रेमचंद जैन / ) वर्तमान में हम न्यूज़ चॅनेल, समाचार पत्रों में हिंसा, हत्या (Murder) आत्महत्या (Murder) , बलात्कार, अनुपात हीं सम्पत्ति का संचय, जमाखोरी धोखाधड़ी आदि मामलों की बहुतायत हैं. इनको बहुत संक्षेप में कहे तो ये सब पापों के अंतरगत आते हैं ये पाप पाँच होते हैं हिंसा झूठ चोरी कुशील परिग्रह और दूसरा कषाय …

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चिंतन-मनन : दुख: भी सहें

आज स्थिति यह है कि महात्मा बनना तो सब चाहते हैं, पर उनके अनुरूप कार्यो से जी चुराते हैं. बलिदान करने के समय हिचकिचाते हैं, वे महान कैसे बन सकते हैं. बादशाह ने सुना, मेरे राज्य में स्थान-स्थान पर रामायण का पारायण हो रहा है. उसे झुंझलाहट हुई. वह कहने लगा-मेरे शासन में राम के गीत गाए जाएं ऍसा क्यों? …

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ढैय्या और साढ़ेसाती के संकेत समझें

शनिदेव को न्याय का देवता कहा जाता है. ऐसी मान्यता है कि शनिदेव का प्रभाव एक राशि पर ढाई या सात साल तक रहता है. इस वजह से व्यक्ति को शारीरिक, मानसिक और आर्थिक पीड़ा उठानी पड़ सकती है.ज्योतिष के अनुसार, जब शनिदेव का प्रभाव राशि पर होता है तो वह आने से पहले कई संकेत देते हैं. उन संकेतों …

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सूर्य देव को जल चढ़ाने के लाभ

सनातन धर्म की मान्यता के अनुसार सूर्य देव असीम ऊर्जा के स्रोत हैं, यह हमें मान सम्मान और प्रतिष्ठा दिलाते हैं. इसलिए रविवार (Sunday) के दिन सूर्य देव को अघ्र्य देने (जल चढ़ाने) और उनकी पूजा से विशेष लाभ मिलता है. ऐसी मान्यता है कि प्रत्येक दिन सूर्य देव को जल चढ़ाने से व्यक्ति के पास किसी चीज की कमी …

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हनुमान जी को इसलिए कहा जाता है संकटमोचन

हनुमान जी सभी संकट दूर करते हैं इसलिए उन्हें संकटमोचन कहा जाता है. वैदिक ग्रंथों में मंगल का दिन सबसे शुभ और कल्याणकारी माना गया है. यही वो दिन है जब मंदिरों में महाबली हनुमान के भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है क्योंकि इसी दिन भक्तराज हनुमान अपने भक्तों की सुध लेते हैं. हनुमान साधना के सबसे और प्रभावी मंत्र …

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इन वस्तुओं का करें दान

दान की महिमा सब जानते हैं, इसलिए धर्म में दान पर जोर दिया जाता है. यह सही है कि दान सभी को करना चाहिये पर कुछ वस्तुओं का दान हमारे लिए नुकसानदेह हो सकता है इसलिए उससे बचना चाहिये. अन्नदान, वस्त्रदान, विद्यादान, अभयदान और धनदान, ये सारे दान इंसान को पुण्य का भागी बनाते हैं. किसी भी वस्तु का दान …

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कर्म व्यर्थ नहीं होता

अक्सर लोग कर्म और भाग्य के बारें में चर्चा करतें वक्त अपनें – अपनें जीवन में घट़ित घट़नाओं के आधार पर निष्कर्ष निकालतें हैं,कोई कर्म को श्रेष्ठ मानता हैं,कोई भाग्य को ज़रूरी मानता हैं,तो कोई दोनों के अस्तित्व को आवश्यक मानता हैं.लेकिन क्या जीवन में दोनों का अस्तित्व ज़रूरी हैं ? गीता में श्री कृष्ण अर्जुन को कर्मफल का उपदेश …

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चिंतन-मनन : व्यवहार की दुनिया

बहुत बड़ा कवि था इमरसन. वह घूमने निकला. अकस्मात वर्षा आ गई. उसके पास अपनी कविताओं की एक पांडुलिपि थी. भीगने के डर से उसने वह पांडुलिपि एक दुकानदार के पास रख दी. इमरसन चला गया. दुकानदार ने कहा कि पन्ने भरे हुए हैं, कुछ खाली हैं वह भरे हुए पन्नों में वस्तुएं लपेटकर ग्राहकों को देता रहा. कुछ देर …

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