ब्रोकरों और डिपॉजिटरी प्रतिभागियों को आवश्यक सेवाओं के रूप में शामिल किया जाए

शेयर ब्रोकरों के संघ एन्मी ने सेबी से की मांग

नई दिल्ली (New Delhi) . शेयर ब्रोकरों के संघ एन्मी ने सोमवार (Monday) को शेयर बाजार नियामक सेबी से कहा कि ब्रोकरों और डिपॉजिटरी प्रतिभागियों को आवश्यक सेवाओं के रूप में शामिल किया जाए. संगठन ने इस संबंध में सभी राज्य सरकारों को स्पष्टीकरण जारी करने की सलाह दी है. कोरोना के चलते देश के 75 जिलों को बंद कर दिया गया है. जिसके बाद यह मांग की गई है. तीन राज्यों महाराष्ट्र, गुजरात और राजस्थान, में अधिकारियों को स्पष्टीकरण जारी करके एक्सचेंजों और ब्रोकर कार्यालयों में काम करने वाले कर्मचारियों को आवाजाही की अनुमति देने के लिए कहा है. हालांकि, बंदी के चलते पूंजी बाजार या शेयर ब्रोकर कार्यालयों को छूट देने के बारे में प्रत्येक राज्य सरकारों ने कोई स्पष्ट दिशानिर्देश या अधिसूचना जारी नहीं की है.

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एसोसिएशन ऑफ नेशनल एक्सचेंजेज मेम्बर्स ऑफ इंडिया (एन्मी) के अध्यक्ष विजय भूषण ने कहा कि स्टॉक ब्रोकरों के बीच अव्यवस्था और भ्रम की स्थिति है, क्योंकि कई राज्य सरकारों ने स्पष्ट नहीं किया है कि स्टॉक ब्रोकरों को इससे छूट दी जाएगी या नहीं. इसे देखते हुए भूषण ने भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) को एक पत्र लिखा है, जिसमें नियामक से कहा गया है कि वह शेयर ब्रोकरों और डिपॉजिटरी प्रतिभागियों को आवश्यक सेवाओं के रूप में शामिल करने के लिए तुरंत स्पष्टीकरण जारी करें और सभी राज्य सरकारों को इस बारे में स्पष्टीकरण जारी करने की सलाह दें.

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