Wednesday , 28 October 2020

बकरीद पर मस्जिदों में नमाज की मांग पर सपा सांसद को भाजपा के संगीत सोम ने दी धमकी


संभल . यूपी में कोरोना संक्रमण के बेलगाम होने के साथ नेताओं की जुबान भी आपा खोती जा रही है और नेता सियासत करने से बाज नहीं आ रहे. संभल से समाजवादी पार्टी के सांसद (Member of parliament) शफीकुर्रहमान बर्क इन मुश्किल हालात में भी बकरीद पर मस्जिदों में नमाज की मांग कर रहे हैं. इस पर भाजपा विधायक संगीत सोम ने उन्हें जेल भेजने तक की धमकी दे डाली.

सपा सांसद (Member of parliament) शफीकुर्रहमान बर्क ने कहा था कि कोई उनके नमाज पढ़ने पर पाबंदी नहीं लगा सकता. ये मुसलमानों का बड़ा त्यौहार है. इस दिन मुसलमान बाजारों में जाकर जानवर खरीद कर लाते रहे है, लेकिन अब जानवरों के बाजार ही नहीं लग रहे है. ऐसे में त्यौहार कैसे हो सकता है. पाबंदी लगाना ठीक नहीं है.
सपा सांसद (Member of parliament) शफीकुर्रहमान बर्क ने कहा था कि अभी दो दिन पहले संभल डीएम आये थे, उनके सामने भी हमने यही मांग रखी कि जानवरों के बाजार लगने दिए जाएं. सपा सांसद (Member of parliament) ने ईद की नमाज को लेकर कहा कि जब तक देश के सभी मुसलमान मस्जिदों में जाकर नमाज पढ़कर दुआ नहीं मांगेंगे, तब तक कोरोना को नहीं भगाया जा सकता.

जेल में डालने की धमकी: इस पर भाजपा विधायक संगीत सोम ने कहा कि सांसद (Member of parliament) को पता होना चाहिए कि यह उनकी खाला की सरकार (Government) नहीं है, भाजपा सरकार (Government) है और यहां कायदे और कानून से काम किया जाता है. अगर सांसद (Member of parliament) के बयान में दम है तो सबसे पहले पाकिस्तान में कोरोना गायब हो जाना चाहिए था. सपा सांसद (Member of parliament) को भी कानून का पालन करना चाहिए. सपा सांसद (Member of parliament) शफीकुर्रहमान बर्क को धमकी देते हुए भाजपा विधायक संगीत सोम ने कहा कि अगर सपा सांसद (Member of parliament) बात नहीं मानते हैं तो जिस तरह आजम खान की ईद जेल में मनी है, उनकी बकरीद भी जेल में मनेगी. संगीत सोम ने कहा कि बकरीद पर यह किसने कहा है कि बकरा काटे जाएं, साग आलू खाकर भी त्यौहार मनाया जा सकता है.

सपा सांसद (Member of parliament) ने किया पलटवार: संगीत सोम के बयान पर पलटवार करते हुए सपा सांसद (Member of parliament) शफीकुर्रहमान बर्क ने कहा कि संगीत सोम की खुद की मीट फैक्ट्री है और वो सब को मीट खिलाते हैं. मीट का कारोबार करते हैं, मगर दूसरों पर तंज कसने से पहले खुद के गिरेबान में झांक लें, अगर आप मीट को पसंद नहीं करते हैं तो मीट की फैक्ट्री क्यों चला रहे हैं.

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