Wednesday , 28 October 2020

भाजपा ने कहा गेहलोत ने नाटकीयता के साथ राज्यपाल को संवैधानिक कर्तव्य निभाने से रोका


जयपुर (jaipur) . राजस्थान (Rajasthan) भाजपा ने आरोप लगाया है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री (Chief Minister) अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) ने नाटकीयता के साथ राज्यपाल को अपने संवैधानिक कर्तव्य निभाने से रोका. रज्यपाल को सौपें गए ज्ञापन में भाजपा ने कहा “मुख्यमंत्री (Chief Minister) द्वारा 24 जुलाई को जिस प्रकार अपने दल के लोगों को उत्प्रेरित करते हुए राजभवन घेरने की धमकी एवं उस स्थिति में राज्य सरकार (Government) द्वारा राजभवन को सुरक्षा प्रदान करने की असमर्थता व्यक्त की, यह IPC की धारा 124 का स्पष्ट उल्लंघन है”

इस सम्बन्ध में भाजपा की बैठक के बाद संवाददाताओं को संबोधित करते हुए राजस्थान (Rajasthan) भाजपा प्रमुख सतीश पूनिया ने कहा, “विधानसभा सत्र बुलाने के लिए एक प्रक्रिया है, लेकिन राजभवन को बैठने के लिए थियेटर बना दिया, क्या यह उचित है? वे महामारी (Epidemic) अधिनियम का उल्लंघन कर रहे हैं. हमने राज्यपाल से पूछा है कि कोरोनावायरस पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए. यह राजस्थान (Rajasthan) में नियंत्रण से बाहर है.” प्रतिनिधिमंडल के सदस्य अशोक कटारिया ने कहा, “यह विधानसभा सत्र की मांग करने का कोई तरीका नहीं है. आप राजभवन में घेराव (धरना) नहीं कर सकते. आप धरना (विरोध प्रदर्शन) देकर विधानसभा सत्र की मांग कैसे कर सकते हैं”

कटारिया ने कहा, “कैबिनेट के पास विधानसभा सत्र के लिए कहने का अधिकार है, लेकिन आपको इसके लिए कारण बताना होगा. कांग्रेस विधानसभा को बुलाने के लिए कोई कारण नहीं बता रही है.” उन्होंने कहा, “राजभवन को सुरक्षा के रूप में सीआरपीएफ (Central Reserve Police Force) (केंद्रीय रिजर्व पुलिस (Police) बल) की जरूरत है,” उन्होंने विपक्ष के नेता गुलाब चंद कटारिया द्वारा पिछले सप्ताह की गई मांगों को फिर से उठाया किया. राजस्थान (Rajasthan) विधानसभा में विपक्ष के उप नेता राजेंद्र सिंह राठौड़ ने कहा: “यह सरकार (Government) एक संवैधानिक संकट की तरफ बढ़ रही है”

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