Wednesday , 28 October 2020

कोरोना पर काबू पाने को दिल्ली सरकार का बड़ा कदम


नई दिल्ली (New Delhi) . कोरोना पर काबू पाने के लिए दिल्ली सरकार (Government) ने अब हर महीने सीरो सर्वे कराने का फैसला किया है. यह सर्वे हर महीने की पहली से पांच तारीख तक किया जाएगा. दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने बुधवार (Wednesday) को जानकारी देते हुए बताया कि आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार (Government) ने ये फैसला किया है कि अब हम हर महीने सीरो सर्वे कराएंगे ताकि ये पता चल सके कि कितने प्रतिशत लोगों को संक्रमण हो चुका है.

1 से 5 तारीख तक दोबारा से इसके लिए सैंपल लिए जाएंगे. कोरोना से जंग जीत कर फिर से स्वास्थ्य मंत्रालय का कामकाज संभालने के बाद बुधवार (Wednesday) को स्वास्थ्य मंत्री सत्येन्द्र जैन ने कहा कि दिल्ली में कोरोना (Corona virus) का कम्युनिटी ट्रांसमिशन हुआ है. जैन ने दिल्ली में कोरोना (Corona virus) के मंगलवार (Tuesday) को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से जारी पहले सीरो सर्वे का हवाला देते हुए कहा कि दिल्ली की एक चौथाई आबादी इससे संक्रमित हुई और ठीक भी हुई. उन्होंने कहा कि कोरोना के प्रसार का आकलन करने के लिए हर माह सीरो सर्वे कराया जाएगा. अगला सर्वे एक से पांच अगस्त तक होगा. पहले सीरो सर्वे में दिल्ली की 23.48 फीसदी आबादी कोरोना संक्रमण की चपेट में आने का खुलासा हुआ है. यह सर्वे 27 जून से 10 जुलाई के बीच हुआ था. इसे राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र और दिल्ली सरकार (Government) ने मिलकर किया था. सर्वे में यह भी आया है कि ज्यादातर लोग बिना लक्षण वाले हैं.

महामारी (Epidemic) के छह महीने बीत जाने के बाद दिल्ली में 23.48 फीसदी के संक्रमण की चपेट में आने पर सरकार (Government) ने कहा कि लॉकडाउन (Lockdown) लगाने, कंटेनमेंट जोन बनाने की वजह से यह संभव हो सका. सर्वे में दिल्ली के लोगों के सहयोग की भी सराहना की गई है. इसके अलावा राजधानी में बीते माह हुए सीरो सर्वे में 23.48 प्रतिशत लोगों के कोविड-19 (Covid-19) से प्रभावित मिलने के बाद दिल्ली सरकार (Government) स्वास्थ्य विशेषज्ञों से मशविरा करेगी ताकि यह पता चल सके कि भविष्य की रणनीति में बदलाव करने की आवश्यकता है या नहीं. इस संबंध में मंगलवार (Tuesday) को एक अधिकारी ने कहा कि सर्वे के परिणाम दिखाते हैं कि दिल्ली की औसत रूप से 23.48 प्रतिशत आबादी में एंटीबॉडीज की मौजूदगी दिखी है. अधिकारी ने कहा कि हम यह तय करने के लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों और महामारी (Epidemic) विशेषज्ञों से चर्चा करेंगे कि सर्वे के परिणामों के मद्देनजर भविष्य में कोविड-19 (Covid-19) के खिलाफ रणनीति में बदलाव करने की आवश्यकता है या नहीं.

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