Wednesday , 28 October 2020

त्रिपुरा सीएम देव के जाट वाले बयान पर बवाल, आप ने मांगा इस्तीफा


नई दिल्ली (New Delhi) . नेताओं की बदजुबानी का सिलसिला लगातार जारी है और अब त्रिपुरा के मुख्यमंत्री (Chief Minister) बिप्लब देव सिख और जाट समुदाय को लेकर दिए बयान ने तूल पकड़ लिया है और विवाद खत्म होने के बजाए बढ़ता जा रहा है. आम आदमी पार्टी की दिल्ली सरकार (Government) में मंत्री कैलाश गहलोत ने आज भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला किया. उन्होंने बिप्लब देव का इस्तीफा मांगा, साथ ही हरियाणा (Haryana) सरकार (Government) में भाजपा के साथी दुष्यंत चौटाला से तीखा सवाल किया.

मंत्री कैलाश गहलोत ने कहा कि आज पूरे देश में जाट और सिख दुखी हैं, जैसा बिप्लब देव ने बयान दिया है वो दुख पहुंचाने वाला है. चुनाव से पहले बीजेपी जाट-सिखों से वोट मांगती है और चुनाव के बाद उन्हें मंद बुद्धि कह देती है. मंत्री ने निशाना साधा कि क्या आज़ादी से पहले छोटू राम जी, जिन्होंने गरीबों और किसानों के लिए लड़ाई लड़ी वो मंद बुद्धि के थे, मैं ये बीजेपी से पूछ रहा हूं कि क्या चौधरी चरण सिंह भी मंद बुद्धि के थे.

हरियाणा (Haryana) सरकार (Government) में बीजेपी के साथ मिलकर सरकार (Government) बनाने वाले दुष्यंत चौटाला से आप नेता ने सीधा सवाल किया. उन्होंने कहा कि आप जाट हैं, क्या आप भी मंद बुद्धि के हैं और पागल हैं, अगर हां तो फिर आप डिप्टी सीएम क्यों हैं. अगर नहीं हैं तो फिर आप बिप्लब देव से इस्तीफा मांगिए, अगर बीजेपी की यही सोच है तो ये दुर्भाग्यपूर्ण है और जाट चुप नहीं बैठेंगे.

गौरतलब है कि बयान पर मचे बवाल के बाद बिप्लब देव ने माफी मांग ली थी. सफाई में बिप्लब देव ने कहा था कि अगरतला (Agartala) प्रेस क्लब में आयोजित एक कार्यक्रम में मैंने अपने पंजाबी और जाट भाइयों के बारे में कुछ लोगों की सोच का जिक्र किया था. मेरी धारणा किसी भी समाज को ठेस पहुंचाने की नहीं थी. अगर मेरे बयान से किसी की भावनाओं को ठेस पहुंची है तो उसके लिए मैं व्यक्तिगत रूप से क्षमाप्रार्थी हूं. बिप्लब देव पहले भी कई ऐसे बयान देते आए हैं, जिनसे भारतीय जनता पार्टी को मुश्किलें हुई हैं. हालांकि, बार-बार बिप्लब देव ने सफाई दी है.

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