Wednesday , 28 October 2020

चीन के खिलाफ बड़ी तैयारी में जुटी सेना, पहुंचाया जा रहा कैंप में राशन और रसद


नई दिल्ली (New Delhi) . भारतीय सेना को हर साल लद्दाख में तकरीबन 30 हजार मैट्रिक टन राशन की आवश्यकता होती है. लेकिन इस बार हजारों सैनिकों की तैनाती की वजह से दोगुने राशन की आवश्यकता है. सेना के कैंप में राशन और रसद पहुंचाने के प्रकिया शुरू हो गई है.

राशन स्टॉक की प्रक्रिया प्रारंभ

वरिष्ठ आर्मी ऑफिसर के हवाले से अंग्रेजी अखबार ने रिपोर्ट प्रकाशित की है, जिसके अनुसार भारतीय सेना को प्रत्येक साल लद्दाख में तकरीबन 30 हजार मैट्रिक टन राशन की आवश्यकता होती है. लेकिन इस बार हजारों सैनिकों की तैनाती की वजह से दोगुने राशन की आवश्यकता है. सेना के कैंप में राशन और रसद पहुंचाने के प्रकिया शुरू हो गई है. सेना एक अधिकारी ने कहा कि पूर्व लद्दाख क्षेत्र में तापमान बहुत कम रहता है,इसकारण वहां चुनौती अधिक है.सेना के द्वारा राशन स्टॉक करने की प्रक्रिया आरंभ कर दी है.

बर्फबारी के चलते मुश्किल

भारत-चीन के बीच सीमा पर तनाव को देखकर मई से ही भारत ने तीन गुना (guna) ज्यादा सैनिकों की तैनाती की है. इनमें ज्यादातर इलाके 15 हज़ार फीट की ऊंचाई पर है. बर्फबारी के चलते नवंबर के बाद यहां पहुंचना मुश्किल चुनौती होती है. आमतौर पर उत्तर भारत से ट्रक से यहां सामान दो रास्तों से भेजा जाता है. ये रास्ते सिर्फ मई से लेकर अक्टूबर तक ही खुले रहते हैं. इसके तहत ठंड के कपड़े, जैकेट, और स्पेशल टेंट समेत गाड़ियों के लिए ईंधन जमा करने की प्रकिया जारी है.

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