भारतीय वायु सेना को अपाचे और चिनूक की डिलीवरी पूरी


नई दिल्ली (New Delhi) . भारतीय वायु सेना को जून के अंतिम सप्ताह में पांच अपाचे हेलिकॉप्टर की आखिरी खेप मिलने के साथ ही 22 अपाचे और 15 चिनूक हेलिकॉप्टर की डिलीवरी पूरी हो गई है. इसकी जानकारी बोइंग डिफेंस इंडिया के मैनेजिंग डाइरेक्टर सुरेंद्र आहुजा ने शुक्रवार (Friday) को दी. हैदराबाद में अमेरिकी एविएशन कंपनी बोइंग और टाटा का ज्वॉइंट वेंचर टाटा बोइंग एयरोस्पेस लिमिटेड (टीबीएएल) है, जहां इनका एयरोस्ट्रक्चर बनाया जाता है.

  NIA ने केरल सोना तस्करी मामले में छह और लोगों को गिरफ्तार किया

आहुजा ने बताया कि आखिरी खेप हिंडन एयरफोर्स स्टेशन जून के अंतिम सप्ताह में पहुंचाई गई. भारत ने अपाचे का सबसे एडवांस वैरिएंट एएच-64ई खरीदा है. यह दुनिया के 17 देशों के पास ही है. वायु सेना ने चिनूक का लेटेस्ट वर्जन सीएच-47एफ (आई) खरीदा है, जो दुनिया में मात्र 20 देशों के पास है. उन्होंने कहा कि मिलिट्री हेलिकॉप्टरों की इस डिलीवरी के साथ, हम पार्टनरशिप को आगे भी बनाए रखेंगे. हम इसके लिए कमिटेड हैं. उल्लेखनीय है कि रक्षा मंत्रालय ने सितंबर 2015 में बोइंग के साथ 22 एएच-64ई अपाचे और 15 सीएच -47 एफ (आई) चिनूक हेलीकॉप्टरों के प्रोडक्शन और ट्रेनिंग के लिए सौदा किया था.

  मध्य रेल, देवलाली और दानापुर के बीच किसान स्पेशल ट्रेन चलायेगी

अपाचे की खूबी: एच-64ई अपाचे में लेटेस्ट कम्युनिकेशन सिस्टम, नेविगेशन, सेंसर और वीपन सिस्टम से लैस है. दिन, रात और सभी तरह के मौसम में टार्गेट के बारे में आसानी से जानकारी मिलती है. चिनूक की खूबी: चिनूक 50 सालों से दुनिया का सबसे भरोसेमंद हैवी-लिफ्ट हेलिकॉप्टर है. यह गर्म जलवायु, ऊंचाई और तेज हवाओं में भी आसानी से उड़ सकता है.

Please share this news