Saturday , 26 September 2020

कुलभूषण केस में वकील नियुक्त करने एक और मौका देने का आदेश, पाकिस्तानी मीडिया में आई खबरों में कहा गया


इस्लामाबाद . मौत की सजा का सामना कर रहे भारतीय नौसेना के सेवानिवृत्त अधिकारी कुलभूषण जाधव के लिये वकील नियुक्त करने का भारत को ‘‘एक और मौका’’ देने का इस्लामाबाद उच्च न्यायालय ने पाकिस्तान सरकार (Government) को आदेश दिया. पाकिस्तानी मीडिया (Media) में आई खबरों में यह कहा गया है. जाधव (50) को पाकिस्तान की एक सैन्य अदालत ने जासूसी एवं आतंकवाद के आरोप में अप्रैल 2017 में मौत की सजा सुनाई थी. भारत ने जाधव को राजनयिक पहुंच मुहैया कराने से पाकिस्तान के इनकार करने के खिलाफ और उनकी मौत की सजा को चुनौती देने के लिये हेग स्थित अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (आईसीजे) का रुख किया था. आईसीजे ने जुलाई 2019 में अपने आदेश में कहा था कि पाकिस्तान को जाधव की दोषसिद्धि और सजा की ‘‘प्रभावी समीक्षा एवं पुनर्विचार’’ करना होगा. साथ ही, उसे बगैर विलंब किये भारत को राजनयिक माध्यम से उनसे संपर्क करने की अनुमति भी देनी होगी.

पाकिस्तान सरकार (Government) ने अपनी याचिका में उच्च न्यायालय से जाधव के लिये एक कानूनी प्रतिनिधि नियुक्त करने का अनुरोध किया था, ताकि वह आईसीजे के फैसले के क्रियान्वयन को देखने की जिम्मेदारी पूरी कर सके. याचिका में यह भी दावा किया गया है कि जाधव ने अपने खिलाफ सैन्य अदालत के फैसले के खिलाफ समीक्षा याचिका या पुनर्विचार याचिका दायर करने से इनकार कर दिया. न्यायमूर्ति मिनल्ला के हवाले से कहा, ‘‘चूंकि अब यह विषय उच्च न्यायालय में है, ऐसे में भारत को दूसरा मौका क्यों नहीं दिया जा रहा. ’’ न्यायाधीश (judge) ने कहा कि भारत सरकार (Government) या जाधव समीक्षा याचिका से संबंधित अपने फैसले पर पुनर्विचार कर सकते हैं. उन्होंने कहा, ‘‘भारत और कुलभूषण जाधव को एक कानूनी प्रतिनिधि नियुक्त करने का एक बार फिर प्रस्ताव देना चाहिए. ’’ मुख्य न्यायाधीश (judge) ने अटॉर्नी जनरल को जाधव को उच्च न्यायालय में उनके मामले से ‘‘अवगत कराने’’ को कहा और यह भी बताने कहा कि वह(जाधव) वकील रख सकते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि सरकार (Government) को जाधव के लिये वकील नियुक्त करने को लेकर भारत से संपर्क करना चाहिए. अदालत ने कहा कि निष्पक्ष सुनवाई जाधव का अधिकार है.

न्यायाधीश (judge) की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए पाकिस्तान के अटॉर्नी जनरल खालिद जावेद खान ने कहा कि भारत और जाधव को सजा के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दायर करने के लिये एक अवसर देने को लेकर एक अध्यादेश जारी किया गया था. उन्होंने कहा, ‘‘हम विदेश कार्यालय के जरिये एक बार फिर से भारत से संपर्क करेंगे.’’ बहरहाल, सुनवाई तीन सितंबर के लिये स्थगित कर दी गई. पाकिस्तान सरकार (Government) ने 22 जुलाई को उच्च न्यायालय में पुनर्विचार याचिका दायर की थी. हालांकि, 20 मई से प्रभावी हुए अध्यादेश के तहत कानून एवं न्याय मंत्रालय द्वारा अर्जी दायर करने से पहले भारत सरकार (Government) सहित मामले में मुख्य पक्षकार से संपर्क नहीं किया गया. ‘आईसीजे समीक्षा एवं पुनर्विचार अध्यादेश 2020’ के तहत सैन्य अदालत के फैसले की समीक्षा के लिये याचिका अध्यादेश के लागू होने के 60 दिनों के अंदर इस्लामाबाद उच्च न्यायालय में दी जा सकती है. अध्यादेश को पिछले हफ्ते पाकिस्तानी संसद ने मंजूरी दी थी.

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