खत्म नहीं हुआ गहलोत सरकार पर संकट, सीएम सहित सभी विधायक होटल पहुंचे


सचिन कर रहे 25 विधायकों के साथ होने का वादा

जयपुर (jaipur) . राजस्थान (Rajasthan) में कांग्रेस की गहलोत सरकार (Government) का संकट टलता दिखाई दे रहा है. मुख्यमंत्री (Chief Minister) अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) ने मीडिया (Media) के सामने विधायकों की परेड करा दी है. गहलोत गुट ने 100 से ज्यादा विधायकों का समर्थन दिखाकर सरकार (Government) बचाने का दावा कर दिया है. दूसरी तरफ सचिन पायलट भी अपने पास दो दर्जन से ज्यादा विधायक होने की बात कर रहे हैं. इसके बाद माना जा रहा है कि फिलहाल गहलोत सरकार (Government) का संकट टल जरूर गया है, लेकिन शायद खत्म नहीं हुआ है. हालांकि, बैठक में पालयट समेत कम से कम 19 विधायक नदारद रहे जो बताता है कि संकट अभी खत्म नहीं हुआ. इस बीच, बैठक के बाद तीन बसों में विधायकों को होटल (Hotel) में ले जाया गया है. बैठक के बाद निकले विधायक विक्ट्री साइन दिखाते हुए रवाना हुए हैं.

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ये चर्चा इसलिए है क्योंकि राजस्थान (Rajasthan) विधानसभा में कुल सदस्यों की संख्या 200 है. सरकार (Government) चलाने के लिए 101 विधायकों की जरूरत होती है. कांग्रेस के 107 और बीजेपी के 72 विधायक हैं. जबकि बाकी अन्य दलों के साथ निर्दलीय विधायक हैं. सचिन ने दावा किया है कि उनके पास 25 विधायक हैं. जबकि गहलोत गुट के समर्थक विधायकों की सूची में 102 विधायकों के नाम फिलहाल हैं. यानी एकदम किनारे पर गहलोत सरकार (Government) है.

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सचिन के प्रति कांग्रेस के नरम रुख की भी यहीं वजह माना जा रही है. पायलट की बगावत के बावजूद कांग्रेस ने जयपुर (jaipur) में विधायकों के शक्ति प्रदर्शन से पहले मीडिया (Media) के जरिए सचिन पायलट को वापस लौटने का न्यौता दिया.कांग्रेस मीडिया (Media) प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा है कि जो मतभेद हैं वहां अलग चीज हैं, लेकिन राजस्थान (Rajasthan) की भलाई के लिए वापस आ जाएं. उन्होंने कह दिया कि सचिन पायलट के लिए दरवाजे खुले हैं,वहां आएं उनकी हर समस्या पर बात की जाएगी.
दूसरी तरफ सोमवार (Monday) सुबह अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) के सीएम आवास पर विधायक जुटाए जा रहे थे. उसी वक्त जयपुर (jaipur) स्थित कांग्रेस कार्यालय से सचिन पायलट के पोस्टर हटा दिए गए थे. लेकिन विधायकों के शक्ति प्रदर्शन के बाद ही पोस्टर वापस लगा दिए गए. अब खबर आ रही है कि सचिन समझौता करने के मूड में हैं, इसके लिए वहां अपने समर्थक विधायकों के लिए गृह विभाग जैसे महत्वूर्ण पोर्टफोलियो की डिमांड कर रहे हैं.

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इसके बाद पिक्चर अभी बाकी नजर आ रही है. संख्या के लिहाज से गहलोत सरकार (Government) किनारे पर है. अगर सचिन पायलट की शर्तें मानी जाती हैं,तब निश्चित ही कांग्रेस सरकार (Government) अच्छी स्थिति में आ जाएगी. अगर ऐसा नहीं होता है,तब सचिन पायलट की नाराजगी आज नहीं कल गहलोत सरकार (Government) के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है.

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