रिन्यूएबल एनर्जी कारोबार के लिए एनटीपीसी और ओएनजीसी में करार


नई दिल्ली (New Delhi) . सार्वजनिक क्षेत्र की एनटीपीसी लिमिटेड और ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन लिमिटेड (ओएनजीसी) ने देश में तेजी से उभर रहे अक्षय ऊर्जा (रिन्यूएबल एनर्जी) कारोबार में साथ मिलकर काम करने का फैसला किया है. इसके लिए दोनों कंपनियां एक संयुक्त उपक्रम बनाने जा रही हैं. एनटीपीसी और ओएनजीसी ने अक्षय ऊर्जा व्यवसाय से संबंधित एक संयुक्त उद्यम कंपनी स्थापित करने के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं. इससे दोनों कंपनियों को अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में अपनी मौजूदगी को बढ़ाने में मदद मिलेगी. समझौता ज्ञापन पर एनटीपीसी के डायरेक्टर (कमर्शियल) ए के गुप्ता और ओएनजीसी के डायरेक्टर (फाइनेंस) और इंचार्ज (बिजनस डेवलपमेंट एंड जॉइंट वेंचर) सुभाष कुमार ने हस्ताक्षर किए.

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एमओयू के मुताबिक, एनटीपीसी और ओएनजीसी भारत और विदेशों में अपतटीय पवन और अन्य नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं की स्थापना का पता लगाएंगे. एनटीपीसी के पोर्टफोलियो में 920 मेगावाट की नवीनीकृत बिजली परियोजनाएं हैं और निर्माणाधीन लगभग 2300 मेगावाट की आरई परियोजनाएं हैं. इस करार के साथ, एनटीपीसी अपनी रिन्यूएबल एनर्जी (आरई) क्षमता के विस्तार में तेजी लाएगी. साथ ही कंपनी अपतटीय विंड और विदेशी रिन्यूएबल एनर्जी परियोजनाओं के क्षेत्र में अपनी मौजूदगी का विस्तार भी करेगी. देश की सबसे बड़ी बिजली उत्पादक कंपनी एनटीपीसी ने वर्ष 2032 तक अक्षय ऊर्जा परियोजनाओं से 32 गीगावाट बिजली उत्पादन का लक्ष्य रखा है. इस करार से कंपनी को यह लक्ष्य हासिल करने में मदद मिलेगी.

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दूसरी ओर ओएनजीसी के पास 176 मेगावाट का अक्षय ऊर्जा का पोर्टफोलियो है जिसमें 153 मेगावाट पवन ऊर्जा और 23 मेगावाट सौर शामिल है. यह विकास अक्षय ऊर्जा व्यवसाय में ओएनजीसी की उपस्थिति को बढ़ाएगा और 2040 तक अपने पोर्टफोलियो में 10 गीगावाट अक्षय ऊर्जा को जोड़ने की महत्वाकांक्षा को पूरा करने में सक्षम करेगा.

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