राजस्‍थान में खुलेगें 8 नये एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय


5 निर्माणाधीन आवासीय विद्यालय दिसम्बर 2020 तक बनकर तैयार होगें-टीएडी एसीएस

जयपुर (jaipur)-उदयपुर (Udaipur). जनजातिय कार्य मंत्रालय भारत सरकार (Government) ने राज्य में वर्ष 2020-21 में 8 नये एकलव्य मॉडल आवासीय विधालय खोलने हेतु स्वीकृति दे दी है जिनके लिये टीएडी विभाग द्वारा प्रत्येक विधालय के लिये 15 एकड़ जमीन आंवटित कराई जा चुकी है.

जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजेश्वर सिंह ने बताया कि इन 8 एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों के भवनों के निर्माण के लिये भारत सरकार (Government) ने केन्द्रीय लोक निर्माण विभाग को कार्यकारी एजेन्सी (नोडल) नियुक्त किया है. उन्होंने बताया कि ये नये आवासीय विद्यालय उदयपुर (Udaipur) जिले के झाड़ोल कस्बे के गांव जोटाणा, लसाडि़या के कुण, सलुम्बर के प्रेम नगर, बांसवाड़ा जिले के गढ़ी कस्बे के गांव परखेला, बागीदौरा, सागवाड़ा के सुरजगांव व प्रतापगढ़ जिले के धरियावाद ब्लॉक के गांव पांचागुड़ा व अरनोद ब्लॉक के गांव नागडेरा में निर्मित करवाये जाएंगें.

उन्होंने बताया कि टीएडी विभाग द्वारा लगभग 108 करोड़ रूपये की लागत से जयपुर (jaipur), उदयपुर (Udaipur), डूंगरपुर (Dungarpur) व बांसवाड़ा जिले में 4 एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों व प्रतापगढ़ जिले में एक एकलव्य मॉडल डे बोर्डिंग स्कूल के भवनों का निर्माण कार्य प्रगति पर है व इनका निर्माण दिसम्बर 2020 में पूर्ण होने की संभावना है. सिंह ने बताया कि जयपुर (jaipur) जिले के जमवारामगढ़ में निर्माणाधीन एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय में 480 विद्यार्थियों, उदयपुर (Udaipur) के सराड़ा, डुगंरपुर मुख्यालय व बांसवाड़ा के आम्बापुरा में 480 विद्यार्थियों व छात्रावास की क्षमता 480 विद्यार्थियों की होगी. इसी प्रकार पीपलखूंट में 480 विद्यार्थियों की क्षमता के विद्यालय का निर्माण करवाया जा रहा हैं.

अतिरिक्त मुख्य सचिव सिंह ने बताया कि विभाग के तत्वावधान में पूर्व से ही 21 एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय, 13 आवासीय विद्यालय, 2 मॉडल पब्लिक आवासीय विद्यालय, 13 खेल छात्रावास, 7 कॉलेज छात्रावास, 6 बालिका बहुउद्देशीय छात्रावास तथा 372 आश्रम छात्रावास संचालित हैं. इन नये 13 आवासीय विद्यालयों के निर्माण व संचालन से जनजाति क्षेत्र के शैक्षणिक, सांस्कृतिक, सामाजिक व आर्थिक परिदृश्य में गुणात्मक सुधार एवं परिवर्तन दृष्टिगोचर होगा तथा इन संस्थाओं में शिक्षित विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा एवं उत्कृष्ट रोजगार के सुअवसर प्राप्त होंगे.

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