इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ 69000 सहायक शिक्षामित्र पहुंचे सुप्रीम कोर्ट


नई दिल्ली (New Delhi) . उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) प्राथमिक शिक्षामित्र एसोसिएशन ने 69000 सहायक शिक्षक भर्ती मामले में इलाहाबाद उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ सोमवार (Monday) को सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) का रुख किया. वकील गौरव यादव की ओर से दायर इस याचिका में इलाहाबाद उच्च न्यायालय के फैसले पर रोक लगाने या उसे रद्द करने की मांग की गई है. इससे पहले राज्य सरकार (Government) (State government) की तरफ से शीर्ष अदालत में एक कैविएट दाखिल की गई है, जिसमें कहा गया है कि शीर्ष अदालत उसका पक्ष सुने बिना इलाहाबाद उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ दायर याचिका पर कोई आदेश जारी न करे. इस मामले में इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ (Lucknow) पीठ ने अपना फैसला सुनाया था. उसके बाद राज्य में बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में सहायक शिक्षकों की भर्ती का रास्ता साफ हो गया है.

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उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में शिक्षकों की बड़े पैमाने पर होने वाली भर्ती लटकी हुई थी. ऐसा कटऑफ मार्क्स से संबंधित विवाद के कारण था. इस मामले में इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने प्रदेश सरकार (Government) के कटऑफ बढ़ाने के फैसले को सही बताया था. इसके अलावा इस भतीर् प्रक्रिया को तीन महीने के अंदर पूरा करने का आदेश भी दिया है. शासन द्वारा परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक के 69000 पदों पर भर्ती किए जाने का निर्णय लिया गया. सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा कराए जाने के लिए 1 दिसंबर 2018 को शासनादेश निकाला गया. सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) प्रयागराज (Prayagraj)द्वारा 5 दिसंबर 2018 को सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा हेतु विज्ञप्ति दी गई. प्रदेश के विभिन्न जनपदों में 6 जनवरी 2019 को सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा का आयोजन किया गया.

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परीक्षा के बाद शासनादेश दिनांक 7 जनवरी 2019 द्वारा सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा हेतु न्यूनतम उत्तीर्णांक घोषित किया गया, जिसमें सामान्य एवं पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों के संबंध में उत्तीर्णांक 65% अर्थात 97/150 और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति हेतु उत्तीर्णांक 60% अर्थात 90/150 निर्धारित किया गया. शासनादेश दिनांक 7 जनवरी 2019 द्वारा न्यूनतम उत्तीर्ण घोषित किए जाने से परेशान होकर शिक्षा मित्रों द्वारा उच्च न्यायालय, इलाहाबाद में याचिका दायर की गई. इसमें कई याचिकाएं दायर की गई. सभी को एक साथ न्यायालय द्वारा 29 मार्च 2019 को याचीगण के पक्ष में निस्तारित की गई. सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा 2018 के न्यूनतम उत्तीर्णांक 40 और 45% के आधार पर परीक्षाफल घोषित किए जाने का निर्णय पारित किया है.

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उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश दिनांक 29 मार्च 2019 के विरुद्ध राज्य सरकार (Government) (State government) द्वारा उच्च न्यायालय इलाहाबाद में विशेष अपील संख्या 207/2020 उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) सरकार (Government) व अन्य बनाम मोहम्मद रिजवान व अन्य योजित की गई. उच्च न्यायालय द्वारा सरकार (Government) द्वारा आयोजित अपील के साथ आयोजित विशेष अपीलों को 06 मई को निस्तारित किया गया. शासनादेश दिनांक 7 जनवरी 2019 को नियमानुसार मानते हुए 60 एवं 65% न्यूनतम उत्तीर्णांक के आधार पर परीक्षा फल घोषित किए जाने का आदेश दिया गया. 69000 सहायक शिक्षक भर्ती में कुल 4,30,000 अभ्यर्थियों द्वारा आवेदन किया गया था. जिसमें तीन 3,86,00 अभ्यर्थी परीक्षा में उपस्थित हुए थे.

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