4800 युवाओं ने एक साथ #राजस्थानी भासा ने राजस्थान री राजभाषा बणावो के साथ महाराणा प्रताप की भाषा को संवैधानिक मान्यता देने की मांग उठाई

महाराणा प्रताप की जन्म जयंती पर उनको पुष्पांजलि देने के लिए एवं जन-जन को जोड़ने के लिए उनकी भाषा राजस्थान (Rajasthan)ी एवं उसकी बोली मेवाड़ी की ताकत देखते हुए आज प्रदेश के 4800 नौजवानों ने एक साथ शाम 5:00 बजे से 7:00 बजे तक ट्विटर पर अपनी बात सरकार (Government) के समक्ष रखते हुए # राजस्थान (Rajasthan)ी भाषा में मानता देवों एवं राजस्थान (Rajasthan)ी ने राजस्थान (Rajasthan) री राजभाषा बणावौ जैसा संकल्प दोहराया राजस्थान (Rajasthan)ी मोटियार परिषद के प्रदेश अध्यक्ष शिवदान सिंह जोलावास ने बताया कि इस अभियान की प्रदेश के नोजवानो ने बहुत सराहना करी तथा सभी संभागों से 200 से अधिक नौजवान अपने साथियों के साथ इस कार्यक्रम में जुटे रहे राजस्थान (Rajasthan)ी भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में जोड़े जाने के लिए यह ऑनलाइन एक अनूठा प्रयत्न है.
इसी कड़ी में पूर्व में एक साथ सभी ने सम्मान स्वरूप साफा पहन अपने फोटो सोशल मीडिया (Media) पर डाली इन दोनों कार्यक्रमों की भूरी भूरी प्रशंसा हो रही है संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष हरि मोहन बिश्नोई प्रदेश संगठन मंत्री अमरीश वर्धन प्रदेश मंत्री जगदीश मेघवाल आदि अपने-अपने संभागों से इस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए थे जबकि दिल्ली से महावीर मुंड बीकानेर से विनोद सारस्वत सूरत (Surat)गढ़ से मनोज स्वामी प्रशांत जैन हरप्रीत शशांक गौरी शंकर प्रजापत आदि के साथ कोलकाता (Kolkata) हैदराबाद मुंबई (Mumbai) के साथियों ने भी इस अभियान की प्रशंसा करी राजस्थान (Rajasthan)ी महिला परिषद की प्रदेश अध्यक्ष सुमन कंवर के साथ कई महिलाएं अपने मायड़ भाषा के धर्म को निभाने के लिए महाराणा प्रताप जयंती पर आगे आई.
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