2 साल पहले एनकाउंटर में बरामद एके-47 का मिला सुंदर भाटी कनेक्शन


नई दिल्ली (New Delhi) . अपराधियों और अधिकारियों के बीच ‘गुरु जी’ के नाम से प्रसिद्ध हो चुके बहुचर्चित आईपीएस अधिकारी के सुंदर भाटी गैंग से संबंधों की जांच एसआईटी द्वारा शुरू किए जाने के बीच एक और अहम खुलासा हुआ है. नोएडा (Noida) में मार्च 2018 में हुए एनकाउंटर में बरामद हुई एके-47 का भी सुंदर भाटी कनेक्शन निकल कर सामने आया है. सुंदर भाटी के भतीजे अनिल भाटी से वॉट्सऐप पर चैट करने वाले आईपीएस अधिकारी ‘गुरु जी’ के मामले की जांच तीन दिन पहले एसआईटी को दी गई है.

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सूत्रों के अनुसार, गौतमबुद्ध नगर के पूर्व अधिकारी द्वारा शासन को भेजी गई उस गोपनीय रिपोर्ट में भी इसका हवाला दिया गया था, जिसमें अनिल भाटी और आईपीएस अधिकारी के बीच वॉट्सऐप पर हुई चैट का हवाला दिया गया था. गोपनीय रिपोर्ट में मार्च 2018 में नोएडा (Noida) में हुए एक एनकाउंटर में बरामद की गई एके-47 पर सवालिया निशान लगाए गए हैं. आरोप है कि एनकाउंटर में वाहवाही लूटने के उद्देश्य से यह एके-47 खाकी और माफिया के गठजोड़ के चलते सुंदर भाटी गैंग से लाई गई थी. इस एनकाउंटर के बाद अगले ही दिन सुंदर भाटी के भतीजे और 50 हजार के इनामी शेरू भाटी ने नाटकीय ढंग से बिसरख थाने में सरेंडर किया था. इसकी चर्चा उन दिनों भी पूरे महकमे रही थी.

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गौतमबुद्धनगर के बिसरख थाना क्षेत्र में 16 नवंबर 2017 को भाजपा नेता शिव कुमार समेत तीन लोगों की गोली मारकर हत्या (Murder) कर दी गई थी. इसमें कुल 14 आरोपी थे, जिनमें सुंदर भाटी का बड़ा भाई सहदेव, भतीजा अनिल और शेरू भी नामजद किए गए थे. 17 मार्च 2018 को सहदेव और अनिल भाटी सहारनपुर रेंज के जिले में चेकिंग के दौरान तमंचे और कारतूस के साथ गिरफ्तार हो गए थे. उन्हें गिरफ्तार करने वाला वह ही इंस्पेक्टर था, जो पहले से ही उक्त आईपीएस ‘गुरु जी’ के साथ अन्य मामले की जांच में फंसा है और उसकी सीबीसीआईडी जांच चल रही है.

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