कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए एक लाख करोड़, मधुमक्खी पालन: 500 करोड़ रुपए


नई दिल्ली (New Delhi) . वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार (Friday) को 20 लाख करोड़ रुपए के पैकेज का तीसरा ब्रेकअप बताया. वित्त मंत्री ने कहा देश के किसान ने मुश्किल परिस्थितियों का हमेशा डटकर सामना किया है. लॉकडाउन (Lockdown) के दौरान भी किसान काम करते रहे हैं. उन्होंने कहा कि कृषि इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए 1 लाख करोड़ रुपए दिए जाएंगे. इससे कोल्ड चेन, फसल कटाई के बाद प्रबंधन की सुविधाएं मिलेंगी. किसान की आय भी बढ़ेगी. वित्त मंत्री ने कहा-पिछले दो महीने में हमने किसानों के लिए कई कदम उठाए. पीएम किसान सम्मान के तहत पिछले दो महीने में किसानों के खाते में 18 हजार 700 करोड़ रुपए पहुंचाए गए. लॉकडाउन (Lockdown) के दौरान 5600 लाख दूध कॉपरेटिव संस्थाओं ने खरीदा. दूध उत्पादकों के हाथों में 4100 करोड़ रुपए की रकम पहुंची. उन्होंने बताया कि कृषि इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए 1 लाख करोड़ करोड़ रुपए दिए जाएंगे. इससे कोल्ड चेन, फसल कटाई के बाद प्रबंधन की सुविधाएं मिलेंगी. किसान की आय भी बढ़ेगी.

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पशुओं का टीकाकरण

53 करोड़ पशुओं के टीकाकरण की योजना हम लेकर आए हैं. इसमें लगभग 13,343 करोड़ रुपये खर्च होंगे. वित्त मंत्री ने कहा हम इनको रोग मुक्त करेंगे. इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मांग बढ़ेगी. पशुओं को अच्छा जीवन जीने का अवसर मिलेगा. साथ ही दूध उत्पादन में बढ़ोतरी होगी.

फूड प्रोसेसिंस: 10000 करोड़

माइक्रो फूड एंटरप्राइजेज के लिए 10000 करोड़ के फंड की स्कीम है. यह क्लस्टर बेस्ड होगी. इससे 2 लाख खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को लाभ मिलेगा. लोगों को रोजगार मिलेंगे, आय के साधन बढ़ेंगे.

फिशरीज:11000 करोड़ रुपए

मत्स्य संपदा योजना की घोषणा बजट के दौरान घोषित की गई थी. इसे लागू कर रहे हैं. इससे 50 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा. भारत का एक्सपोर्ट बढ़ेगा. मत्स्य पालन बढ़ाने के लिए मछुआरों को नावें और नावों के बीमा की सुविधा देंगे. समुद्री और अंतरदेशीय मत्स्य पालन के लिए 11000 करोड़ रुपए और 9000 करोड़ रुपए इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए जारी किए जाएंगे.

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पशुपालन: 15 हजार करोड़ रुपए

केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा- खुरपका-मुंहपका से पीडि़त जानवरों को वैक्सीन नहीं लग पा रहे. इससे किसानों को नुकसान हो रहा है. सभी भैंसों, भेड़ों और बकरियों का वैक्सिनेशन किया जाएगा. वैक्सिनेशन में 13 हजार 343 करोड़ रुपए खर्च होंगे. इससे 53 करोड़ पशुधन को बीमारी से मुक्ति मिलेगी. जनवरी से अब तक 1.5 करोड़ गाय और भैंसों को अब तक वैक्सीन लगाए जा चुके हैं. पशुपालन के इन्फ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए 15 हजार करोड़ रुपए का फंड दिया जाएगा.

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हर्बल खेती: 4000 करोड़ रुपए

हर्बल खेती के लिए 4000 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं. अगले दो साल में 10 लाख हेक्टेयर जमीन पर हर्बल खेती होगी. हर्बल खेती से किसानों को 5000 करोड़ की आय होगी. हर्बल प्लांट की मांग दुनियाभर में बढ़ रही है. कोविड-19 (Kovid-19) के समय हमारे हर्बल प्लांट बहुत काम आए हैं. गंगा के किनारे 800 हेक्टेयर भूमि पर हर्बल प्रॉडक्ट्स के लिए कॉरिडोर बनाया जाएगा.

मधुमक्खी पालन: 500 करोड़ रुपए

2 लाख मधुमक्खी पालकों के लिए 500 करोड़ रुपए की योजना है. उनकी आय बढ़ेगी और लोगों को अच्छा शहद मिल पाएगा.

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