सूचना नहीं देने पर डीएसओ पर 10 हजार का जुर्माना, वेतन से कटेंगे

चित्तौड़गढ़. राजस्थान सूचना आयुक्त ने जिला रसद अधिकारी पर समय पर सूचना नहीं देने पर 10 हजार का जुर्माना लगाते हुए ये राशि उनके वेतन से काटकर देने के आदेश दिए हैं. साथ ही आवेदक को 21 दिन में मांगी गई सूचना भी उपलब्ध कराने का आदेश दिया गया.

परिवादी रावतभाटा वार्ड नंबर 25 निवासी मुदस्सर अहमद पुत्र मंजूर अहमद ने राजस्थान राज्य सूचना आयोग में परिवाद पेश कर बताया कि उसने 14 मार्च 2017 को रामगंज मंडी इंडेन गैस सर्विस रावतभाटा के गैस कनेक्शनों, प्राप्त आवेदनों की सूची, निरीक्षण प्रपत्र की जानकारी मांगी थी. जिला रसद अधिकारी ने आवेदन पर पूरी सूचना नहीं दी. जवाब व स्पष्टीकरण प्राप्त नहीं होने पर 22 दिसंबर 2017 को वापस सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 की धारा 20 -1 में नोटिस जारी कर प्रत्यर्थी को व्यक्तिगत उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देने को कहा गया. आयुक्त ने आदेश में कहा कि गंभीर लापरवाही, अकर्मण्यता व उदासीनता के लिए डीएसओ पर दस हजार रुपए की शास्ती अधिरोपित की जाती है. ये उने वेतन से काट कर प्रत्यर्थी को 30 दिन में डिमांड ड्राफ्ट सचिव राजस्थान सूचना आयोग जयपुर (jaipur) के नाम भिजवाना सुनिश्चित करंे. आदेश प्राप्ति के 21 दिन में अपीलार्थी को पूर्ण सूचना पंजीकृत डाक से निशुल्क भेजंे. इधर, मामले में सूचना आवेदन से अब तक दो-तीन डीएसओ बदल चुके हैं.

अपीलीय आदेश पर भी नहीं दी सूचना, दो बार दिए नोटिस का भी जवाब नहीं…सूचना आयुक्त आशुतोष शर्मा ने आदेश में कहा कि सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 की धारा 20 प्रथम के तहत प्रत्यर्थी को दो बार नोटिस जारी करने के बावजूद न तो जवाब पेश किया और न ही उपस्थित होकर स्पष्टीकरण दिया. न ही प्रथम अपीलीय आदेश के बावजूद अपीलार्थी को पूर्ण सूचना उपलब्ध कराई. इससे जाहिर होता है कि प्रत्यर्थी सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के प्रति कतई संवेदनशील नहीं है. बल्कि लगता है कि वह जान बुझकर पूर्ण सूचना देने से बच रहा है.

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