सिपाही की पत्‍नी के गले में फांसी के निशान, दूसरे दिन भी खुलासा नहीं

चित्तौड़गढ़. जिले के बड़ीसादड़ी में मंगलवार (Tuesday) दोपहर एक सिपाही की पत्नी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत की गुत्थी पुलिस (Police) दूसरे दिन भी सुलझा नहीं पाई. घटना के दौरान संदिग्ध आरोपी गोपाल कृष्णा के साथ कमरे में मौजूद था.

इन सबके बावजूद पुलिस (Police) शाम तक आरोपी की गिरफ्तारी या जांच के बारे में अधिकृत तौर पर कुछ कहने से बचती रही. पुलिस (Police) ने मृतका कृष्णा का शव बुधवार (Wednesday) सुबह मेडिकल बोर्ड से पीएम करवाने के बाद परिजनों को सौंपा. जिसके बाद परिजन उसे अपने गृह क्षेत्र हनुमानगढ़ ले गए. मेडिकल बोर्ड में सीएचसी प्रभारी डाॅ. राजवी मंगल सहित दो अन्य चिकित्सक दिनेश रजक व मनोज मीणा शामिल थे. पोस्टमार्टम करने मेडिकल टीम द्वारा विसरा का सैंपल भी लिया गया है. रिपोर्ट आने पर ही कारण पता चलेगा.

बड़ीसादड़ीथाने में सिपाही रामचंद्र जाट के अनुसार वह मंगलवार (Tuesday) दोपहर घर से खाना खाकर थाने में आया था. करीब एक घंटे बाद गोपाल भोई ने उसे फोन किया कि तेरी पत्नी फांसी लगा रही है. वो दौड़कर घर आया, तब तक पत्नी का शव पहली मंजिल के कमरे में चारपाई पर पड़ा था. रास्ते में मिला गोपाल उसे यह कहता हुआ निकला कि उसने कृष्णा को नीचे उतार दिया और एंबुलेंस (Ambulances) को लेकर आ रहा है. रामचंद्र की सूचना पर पुलिस (Police) अधिकारी मौके पर पहुंचे. एफएसएल व डाक्टरों की टीम से मौके की गहन जांच के बाद शव मोर्चरी मेंं रखवाया गया. रामचंद्र ने पुलिस (Police) को दी रिपोर्ट में अपनी पत्नी की मौत का जिम्मेदार गोपाल को बताया.

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