साइबर हैकर्स के निशाने पर दस लाख यूजर्स


नई दिल्ली (New Delhi) . गूगल ने प्ले स्टोर को सुरक्षित रखने के लिए ऐप डेवेलपर्स के लिए कड़ी नीतियां बनाई हैं. इसके बावजूद प्ले स्टोर पर मैलिशस एप्स मौजूद हैं. एक बार फिर साइबर क्रिमिनल हैकर्स ने गूगल की नीतियों की धज्जियां उड़ाते हुए प्ले स्टोर को मैलिशस ऐंड्रॉयड ऐप्स से भर दिया है. इस बार उनका टारगेट इन ऐप्स के साथ टेक्या मैलवेयर के जरिए यूजर्स को अपना शिकार बनाना है. इस ऐप्स को करीब 10 लाख बार डाउनलोड किया जा चुका है.

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चेक प्वाइंट रिसर्च के शोधकर्ताओं ने मैलिशस ऐंड्रॉयड ऐप्स में टेक्या मैलवेयर को देखा है. उनका कहना है कि यह मैलवेयर गूगल प्ले स्टोर के जरिए यूजर्स को अपना निशाना बना रहा है. उन्होंने ऐसे कई सारे ऐप देखे जो दिखने में तो सुरक्षित थे लेकिन इनमें टेक्या मैलवेयर मौजूद था. एक पोस्ट में अपनी रिसर्च के बारे में बताते हुए शोधकर्ताओं ने बताया कि उन्होंने प्ले स्टोर पर मैलिशस बिहेवियर वाले 56 ऐप्स की पहचान की है. इनमें से 24 ऐप्स खासतौर पर बच्चों को ध्यान में रखकर बनाए गए जैसे कि गेम्स और पजल. वहीं बाकी ऐप्स में यूटिलिटी ऐप्स जैसे कैलकुलेटर्स, ट्रांसलेटर्स और कुकिंग आदि शामिल हैं.

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इन ऐप्स को डाउनलोड करने पर मैलवेयर इंस्टॉल हो जाता है और यह डिवाइस को अपना शिकार बना लेता है. हालांकि टेक्या के बारे में पूरी जानकारी रिसर्चर्स की पोस्ट में उपलब्ध है. लेकिन संक्षेप में कहें तो इसे ऐड फ्रॉड के मकसद से बनाया गया है. इन मैलिशस ऐंड्रॉयड ऐप्स को करीब 10 लाख बार डाउनलोड किया जा चुका है. दूसरे शब्दों में कहें तो इन ऐप्स से करीब 10 लाख यूजर्स की सिक्यॉरिटी को खतरा है. चेक पॉइंट के शोधकर्ताओं ने पुष्टि की है कि गूगल ने उन ऐप्स को प्ले स्टोर से हटा दिया है जिन्हें मैलिशस पाया गया. इसके अलावा डिवेलपर्स ने भी प्ले स्टोर से इस तरह के ऐप्स को हटा दिया है.

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