वायु प्रदूषण बन रहा जानलेवा, कम हो रही उम्र : शोध


लंदन . पृथ्वी पर बढ़ते वायु प्रदूषण का सीधा असर मनुष्य के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है यह जानलेवा बनता जा रहा है. वायु प्रदूषण दुनियाभर में लोगों की उम्र को समय से पहले ही कम कर रहा है. हाल में ही हुई एक शोध के अनुसार वायु प्रदूषण से औसतन उम्र में तीन साल की कमी हो रही है और इससे दुनियाभर में 88 लाख लोगों की मौत समय से पहले ही हो जा रही है. जर्मनी के मैक्स प्लांक इंस्टीट्यूट फॉर केमिस्ट्री के शोधकर्ताओं के अनुसार वायु प्रदूषण युद्ध, सभी प्रकार की हिंसा, रोगाणुओं से होने वाली बीमारी जैसे मलेरिया, एड्स और धूम्रपान की तुलना में कहीं ज्यादा घातक है.

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पत्रिका कार्डियोवस्कुलर रिसर्च में प्रकाशित शोध के अनुसार, दुनिया वायु प्रदूषण की महामारी (Epidemic) से जूझ रही है. नई मॉडलिंग तकनीक का इस्तेमाल कर शोधकर्ताओं ने वायु प्रदूषण के विभिन्न स्रोतों का पता लगाया और यह बताया कि वायु प्रदूषण के कारण दुनियाभर में 2015 तक 88 लाख लोगों की समय से पहले मौत हो चुकी है. इससे पता चलता है कि दुनियाभर में जिंदगी औसतन तीन साल छोटी हो जाएगी. जर्मनी की यूनिवर्सिटी मेडिकल सेंटर मेंज के शोधकर्ताओं ने कहा कि धूम्रपान से आयु संभाविता में औसतन 2.2 साल की कमी आती है और एचआईवी/एड्स से आयु संभाविता में 0.7 साल की कमी आती है.

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शोधकर्ताओं ने तीन श्रेणियों में वायु प्रदूषण के प्रभावों की जांच की. इनमें लोअर रेस्पाइरेट्री ट्रैक्ट इंफेक्शन, क्रोनिक ऑब्सट्रक्टिव प्लमोनरी बीमारी, फेफड़ों का कैंसर, दिमाग के वाहिकाओं की बीमारी और अन्य प्रकार की न प्रसारित होने वाली बीमारियां शामिल थीं. शोधकर्ताओं ने पाया कि दिल संबंधी बीमारियां और दिमाग की वाहिकाओं की बीमारियां मिलकर वायु प्रदूषण के खतरे से बड़ी होती हैं. दुनियाभर में इन कारणों से आयु संभाविता में 43 फीसदी की कमी आती है. उन्होंने देखा कि वायु प्रदूषण का उम्र पर पड़ने वाला प्रभाव सबसे ज्यादा बुजुर्गों पर पड़ा. दुनियाभर में 60 से ज्यादा उम्र के लोगों में 75 फीसदी मौतों के मामले देखे गए हैं.

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