Wednesday , 28 October 2020

लालू के लाल तेजप्रताप ने बदली सीट, एनडीए तेजप्रताप के खिलाफ ऐश्वर्या को मैदान में उतार सकती

लालू के छोटे बेटे तेजस्वी की सीट को लेकर भी अंसमजस्य

पटना (Patna) . वैशाली जिले के तहत आने वाली महुआ सीट पारंपरिक रूप से जदयू का गढ़ रहा है. 2015 के चुनाव में राजद-जदयू गठबंधन की वजह से तेजप्रताप सीट को जीतने में कामयाब रहे. 2010 में महुआ से जेडीयू के रविंद्र राय ने राजद के जगेश्वर राय को हराया था. विधानसभा चुनाव (Assembly Elections) को देखकर बिहार (Bihar) से हर रोज नए-नए घटनाक्रम सामने आ रहे है. इसी कड़ी में लालू परिवार से बड़ी खबर आ रही है. लालू के बड़े बेटे और पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तेज प्रताप यादव ने अपना चुनाव क्षेत्र बदल दिया है.वहां अब महुआ के बजाय समस्तीपुर के हसनपुर से चुनाव लडऩे की तैयारी में है.

इसके लिए बाकायदा उन्होंने हसनपुर में अपना पहला जनसंपर्क अभियान भी चलाया. माना जा रहा है कि एनडीए तेज प्रताप को घेरने की तैयारी में थी. इसके लिए एनडीए की ओर से तेज प्रताप की पत्नी ऐश्वर्या राय को साधने की कोशिश की जा रही है.माना जा रहा है कि एनडीए तेजप्रताप के खिलाफ ऐश्वर्या को मैदान में उतार सकती है. बता दें कि शादी के 6 महीने बाद से ही तेज प्रताप और ऐश्वर्या राय के बीच रिश्ते सामान्य नहीं है.

तेज प्रताप के कदम पर भाजपा ने तंज कसाकर कहा है कि तेजप्रताप जहां कहीं से भी चुनाव लड़े उनकी हार तय है. इतना ही नहीं, आरजेडी का साथ छोड़ जदयू का दामन थाम चुके लालू यादव के समधी और ऐश्वर्या राय के पिता चंद्रिका राय ने भी लालू परिवार पर निशाना साधा है. चंद्रिका राय ने दावा किया कि अगर उनकी बेटी चाहेंगी,तब तेज प्रताप को हसनपुर में भी चुनौती दे सकती हैं. फिलहाल तेज प्रताप का पूरा फोकस अब हसनपुर हो गया है.

तेज प्रताप पर हमला जारी रखते हुए उनके ससुर चंद्रिका राय ने उन्हें भगोड़ा बता दिया. चंद्रिका राय ने साफ तौर पर कह दिया कि वह भागकर चाहे जहां कहीं भी जाएं,उन्हें जीत नहीं मिलने वाली है. चंद्रिका राय ने आरोप लगा दिया कि लालू परिवार ने यादवों का इस्तेमाल पैसा और पावर के लिए किया है. अब ऐसा नहीं चलने वाला है. बता दें कि चंद्रिका राय बिहार (Bihar) के पूर्व मुख्यमंत्री (Chief Minister) दरोगा राय के पुत्र है और सारण के परसा सीट से विधायक भी रहे हैं.

परेशान यहीं नहीं है कि समस्या सिर्फ तेज प्रताप के ही सामने है. लालू के छोटे बेटे और बिहार (Bihar) के पूर्व उपमुख्यमंत्री (Chief Minister) तेजस्वी यादव भी राघोपुर सीट से चुनाव लड़ने को लेकर असमंजस में है. दरअसल, राघोपुर सीट आरजेडी का गढ़ माना जाता है. 1995 और 2000 में खुद लालू यादव यहां से जीत चुके हैं जबकि 2005 में राबड़ी देवी यहां से जीतने में कामयाब हुईं थी. 2010 में यह सीट जदयू के खाते में चली गई थी पर 2015 में तेजस्वी यादव ने यहां पर सियासी पारी का आगाज किया.

 

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