Wednesday , 28 October 2020

यात्रीगण कृपया ध्यान दे रेलवे 100 ट्रेन बंद कर सकता है, टाइम टेबल में भी बड़ा बदलाव संभव


नई दिल्ली (New Delhi) . भारतीय रेलवे (Railway)ट्रेनों की टाइमिंग को लेकर बड़ा सुधार करने की तैयारी में है. इसके लिए रेलवे (Railway)जीरो बेस्ड’ टाइम टेबल तैयार कर रहा है, जो जल्द ही सामने आ सकता है. हालांकि कोरोना के बाद ही यह लागू होगा. रेलवे (Railway)की तरफ से मुसाफिरों की सुविधा के लिए स्पेशल ट्रेन ही चलाई जाएंगी. आमतौर पर रेलवे (Railway)का नया टाइम टेबल जुलाई से अगले साल जून तक लागू होता है फिर मौसम और ट्रेनों की संख्या में हुए बदलाव के साथ नया टाइम टेबल लागू होगा है. लेकिन हालात के मुताबिक टाइम टेबल लागू होने के पीरियड में बदलाव भी होता है.जैसा कोरोना के कारण हो सकता है.

रेलवे (Railway)टाइम टेबल में कई बड़े बदलाव

सूत्रों के मुताबिक रेलवे (Railway)के नए टाइम टेबल में कई बदलाव किए जा रहे हैं, इससे आने वाले सालों तक रेलवे (Railway)में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा. दरअसल, पिछले कई दशकों से राजनीतिक मांग पर ट्रेनों के स्टॉपेज बढ़ाए गए हैं. लोगों और नेताओं के विरोध के डर से कई बिना मांग वाली ट्रेनें भी चल रही हैं जिसकी आधी से ज़्यादा सीटें खाली ही रहती हैं.

बंद हो सकती हैं 100 ट्रेनें

रेलवे (Railway)ऐसी कई ट्रेनों को बंद कर सकता है, जिनकी कोई मांग नहीं है. इसमें इस बात का खयाल रखा जाएगा कि मुसाफिरों के लिए विकल्प के तौर पर दूसरी ट्रेन उपलब्ध हो. सूत्रों के मुताबिक देशभर में ऐसी 100 से ज्यादा ट्रेनें बंद हो सकती हैं. जिन पैसेंजर ट्रेनों में किसी हॉल्ट स्टेशन पर 50 सवारी चढ़ती-उतरती न हों, उन ट्रेनों का वे हॉल्ट पर स्टॉपेज ख़त्म हो. लेकिन मुसाफिरों के लिए दूसरी ट्रेन उपलब्ध हो, ताकि उन्हें परेशानी न हो.

क्या होता है जीरो बेस्ड टाइम टेबल?

दरअसल, जीरो बेस्ड टाइम टेबल वहां होता है,जिसमें टाइम टेबल तैयार करते समय ट्रैक पर कोई ट्रेन नहीं होती है. यानी हर ट्रेन को नई ट्रेन की तरह समय दिया जाता है और एक-एक कर सारी ट्रेनों के चलने का समय तय किया जाता है. इससे हर ट्रेन के चलने और किसी स्टेशन पर स्टॉपेज का सेफ समय दिया जाता है ताकि ना तो वो किसी ट्रेन की वजह से लेट हो और ना वो किसी और ट्रेन को लेट कर सके. कोरोना काल में ट्रेनों पर ब्रेक लगा हुआ है, फिलहाल रेलवे (Railway)केवल 230 ट्रेनें ही चला पा रहा है.इसकारण रेलवे (Railway)के पास सुधार के काम का बड़ा मौका है. उम्मीद की जा रही है कि टाइम टेबल में ये सुधार इस साल के अंत तक देखने को मिलेगा लेकिन इसका फायदा आने वाले कई साल उन मुसाफिरों को अनुभव होगा.

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