Wednesday , 28 October 2020

भारत और चीन सीमा विवाद में बिना बुलाए नहीं करेगा मध्‍यस्‍थता: रूस

मास्‍को . भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर की मंगलवार (Tuesday) से शुरू हो रही मास्‍को यात्रा से ठीक पहले रूस ने कहा है कि वह भारत और चीन के विवाद में हस्‍तक्षेप नहीं करेगा. रूस ने कहा कि वह भारत और चीन के बीच जारी वार्ता में शामिल नहीं है. रूस ने साफ किया कि ब्रिक्‍स, शंघाई सहयोग संगठन जैसे संगठनों में द्विपक्षीय मुद्दों को केवल आम सहमति से ही लाया जाएगा.

भारत में रूस के उपराजदूत रोमन बाबूश्किन ने कहा कि हम भारत और चीन को बातचीत के लिए प्रोत्‍साहित करते हैं लेकिन रूस दोनों देशों के द्विपक्षीय मुद्दों में हस्‍तक्षेप नहीं करेगा. हम तब तक हस्‍तक्षेप नहीं करने वाले हैं, जब तक कि दोनों ही पक्ष हमें आमंत्रित नहीं करते हैं. हम दोनों ही देशों के बीच जारी किसी भी वार्ता में हिस्‍सा नहीं ले रहे हैं. रूस का यह बयान उस समय पर आया है जब भारत और चीन के बीच तनाव चरम पर है. भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर एससीओ की बैठक में हिस्‍सा लेने के लिए रूस जा रहे हैं.जानकारों के मुताबिक मॉस्को में जयशंकर द्वारा चीनी समकक्ष वांग यी के साथ द्विपक्षीय बैठक करने की उम्मीद है. जयशंकर मॉस्को में आयोजित आठ सदस्यीय शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के विदेश मंत्रियों की बैठक में शामिल होने जा रहे हैं जिसमें भारत और चीन सदस्य हैं.

सूत्रों ने बताया कि जयशंकर की यात्रा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की मास्को यात्रा के महज कुछ दिन बाद हो रही है. सिंह एससीओ के रक्षा मंत्रियों की बैठक में शामिल होने के लिए रूस गए थे. उल्लेखनीय है कि शुक्रवार (Friday) को सिंह और चीन के रक्षा मंत्री जनरल वेई फेंगही की करीब दो घंटे तक पूर्वी लद्दाख में सीमा पर बढ़े तनाव को लेकर बैठक हुई थी. इस बातचीत में सिंह ने वेई को विशेष तौर पर कहा कि भारत अपनी ‘एक इंच जमीन नहीं छोड़ेगा’ और वह किसी भी कीमत पर अपनी अखंडता और संप्रभुता की रक्षा करने के लिए प्रतिबद्ध है. आधिकारिक बयान के मुताबिक सिंह ने चीनी समकक्ष को बता दिया कि चीन को सख्ती से वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) का सम्मान करना चाहिए और यथा स्थिति को बदलने के लिए कोई भी एकतरफा कोशिश नहीं करनी चाहिए.

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