पालघर मॉब लिंचिंग मामले पर गृहमंत्री का बयान, 101 लोगों गिरफ्तार, इसमें एक भी मुस्लिम नहीं


पालघर . पालघर मॉब लिंचिंग मामले में बीजेपी को उद्धव सरकार (Government) को घेरने के लिए मौका मिल गया है. महाराष्ट्र (Maharashtra) बीजेपी ने मामले में सीआईडी जांच की है. वहीं गृहमंत्री अनिल देशमुख ने कहा है कि पालघर हिंसा को धार्मिक रंग दिया जा रहा है, जो बिल्कुल गलत है. उन्होंने दावा किया कि मामले में 101 लोगों को गिरफ्तार किया गया हैं,इसमें एक भी मुस्लिम नहीं है. उन्होंने आरोपियों के नाम की वॉट्सएप लिस्ट भी जारी की.

गृह मंत्री अनिल देशमुख ने पालघर मामले में बयान देकर कहा,सभी को जानकारी है कि पालघर में जो घटना हुई वहां बिल्कुल गलत हुई. लेकिन वहां अफवाह फैलाया गया था कि कुछ लोग बच्चा चोरी करते हैं. हालांकि जांच अब सीआईडी को दी गई है. मैं बता दूं कि मामले मे जांच कर 8 घंटे में 101 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. 101 में से 1 भी मुस्लिम व्यक्ति नहीं है. इस मामले को धार्मिक रंग देने की कोशिश की गई है. उन्होंने कहा, ‘आज पूरे महाराष्ट्र (Maharashtra) मे सभी कोरोना से लड़ाई लड़ रहे हैं.

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इसके बाद भी धार्मिक रंग लाना बिल्कुल गलत है,लेकिन इस समय में भी कुछ लोग मुंगेरी लाल के हसीन सपने देखने का काम कर रहे हैं. सभी सरकार (Government) को सहायता करें.’ बीजेपी पालघर मामले में गृहमंत्री और एनसीपी नेता अनिल देशमुख पर निशाना साध रही है जो शरद पवार के भी काफी खास माने जाते हैं. राजनीतिक एक्सपर्ट कहते हैं कि शरद पवार ही इस गठबंधन का जोड़ हैं इसलिए उन पर सीधे या उनके करीबियों पर निशाना साधकर बीजेपी महाराष्ट्र (Maharashtra) सरकार (Government) को कमजोर करने की प्रयास कर रही है.

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कोल्हापुर की शिवाजी यूनिवर्सटी के पॉलिटिकल साइंस के प्रोफेसर प्रकाश पवार कहते हैं,’एमएलसी पद को लेकर उद्धव ठाकरे पर राजनीति बीजेपी का एक साइड शो है. बीजेपी का मुख्य निशाना इस वक्त पवार हैं और अनिल देशमुख के बाद बीजेपी अब उनपर निशाना साध रही है.’ बीजेपी इसके पहले डीएचएफएल ग्रुप के वधावन परिवार के लॉकडाउन (Lockdown) के बीच महाबलेश्वर घूमने की इजाजत देने पर निशाना साध चुकी है. पवार बताते हैं, ‘साधुओं की लिंचिंग ने बीजेपी को इस बार शिवसेना पर भी सवाल उठाने का मौका दिया है. बीजेपी इस मामले पर शिवसेना पर हमला बोलते हुए आरोप लगा रही है कि शिवसेना के शासन में साधु भी सुरक्षित नहीं हैं.’

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