दो साल पहले लापता हुई थी, एक साल पूर्व परिजनों ने मृत मानकर सामाजिक रस्में पूरी कर दी, मुन्नी बेगम लौटी तो अाई परिवार में खुशियां

चित्‍तौड़गढ़. जिले के निंबाहेड़ा कस्‍बे से दो साल पहले लापता हुई मुन्नी बेगम को परिजन एक साल पहले मृत मानकर सामाजिक रीति रिवाज की रस्में पूरी कर चुके थे, मंगलवार (Tuesday) को वो जिंदा लौट आई. अपनी 60 वर्षीय मां को देखकर बेटियों की आंखें भर आई. पूरा परिवार खुशी से झूम उठा. मुन्नी को परिवार तक पहुंचाने में पुणे के माहेर वात्सल्य धाम की डायरेक्टर सुप्रभा ने अहम भूमिका निभाई. सुप्रभा मुन्नी को लेकर सात मई को पुणे से ट्रेन द्वारा पाली के लिए निकली.

नगर परिषद के एनयूएलएम राजीव को साथ लेकर कार से मंगलवार (Tuesday) रात 9.30 बजे चित्तौड़गढ़ पहुंचे. मुन्नी बेगम की बड़ी बेटी बड़ीसादड़ी की किरतपुरा निवासी फरीदा अपने पति इनायत व छोटी बेटी नाजिया, दामाद शेरखान, ननद फिरदौस सहित रिश्तेदार अब्दुल्ला नवाब आदि भी रात्री में ही चित्तौड़गढ़ पहुंच गए. दोपहर में मुन्नी को लेकर निंबाहेड़ा आए.जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में मुन्नी को परिजनों को सौंप दिया. फिरदौस ने बताया कि मुन्नी मानसिक विक्षिप्त होने पर दो साल पूर्व मेहमूद उसे लेकर मप्र के जावरा स्थित हुसैन टेकरी उपचार के लिए गया था. बाद में मुन्नी खुद भी वहां जाने लगी. कुछ दिन बाद जब वह वापस नहीं लौटी तो मेहमूद उसकी तलाश में हुसैन टेकरी पहुंचा, जहां पर वह नहीं मिली. आदि स्थानों पर तलाशता रहा.

The post दो साल पहले लापता हुई थी, एक साल पूर्व परिजनों ने मृत मानकर सामाजिक रस्में पूरी कर दी, मुन्नी बेगम लौटी तो अाई परिवार में खुशियां appeared first on .

Please share this news