चुनाव आयोग का बड़ा फैसला : मध्य प्रदेश में 7 सितंबर तक नहीं होंगे उपचुनाव


देश में हालात सामान्य होने पर कराए जाएंगे उपचुनाव

नई दिल्ली (New Delhi)/ भोपाल (Bhopal) . देश में कोरोना (Corona virus) महामारी (Epidemic) और बाढ़ की स्थिति को देखते हुए भारतीय चुनाव आयोग ने मप्र की 26 विधानसभा सीटों सहित विभिन्न राज्यों में होने वाले लोकसभा (Lok Sabha) और विधानसभा के उपचुनाव रद्द कर दिए हैं. कई राज्यों में सात सितंबर तक ये उपचुनाव होने थे और मगर देश बाढ़ और कोरोना की स्थिति को देखते हुए इन्हें फिलहाल रद्द कर दिया गया है. गुरुवार (Thursday) को चुनाव आयोग बयान जारी कर कहा कि जैसे ही देश में हालात सामान्य होंगे उपचुनाव कराए जाएंगे.

अगले दो माह में होने वाले उपचुनाव को लेकर चुनाव आयोग ने बड़ा फैसला लिया है. चुनाव आयोग ने कोरोना महामारी (Epidemic) के चलते उपचुनाव को स्थगित करने का फैसला किया है. चुनाव आयोग ने कहा है कि कोरोना काल में उपचुनाव कराना संभव नहीं है. इधर, दो दिन पहले ही मुख्य चुनाव आयुक्त ने एक साक्षात्कार में सितंबर तक चुनाव कराने की बात कही थी, इसके बाद प्रदेश में चुनाव की हलचल तेज हो गई थी और पार्टियों ने अपने-अपने स्तर पर तैयारी भी तेज कर दी थी. 26 सीटों पर एक दूसरे की पार्टियों से नेताओं को अपने खेमे में मिलाने के दौर के बीच अब पार्टियों को निराशा का सामना करना पड़ेगा. क्योंकि चुनाव अब आगे बढ़ गए हैं.

मप्र में सीटों पर चुनाव की स्थिति

मप्र में जौरा और आगर सीटों पर उपचुनाव की तिथि 6 माह के पार चली गई है. वहीं 10 मार्च को कांग्रेस के 22 विधायक इस्तीफा देकर भाजपा में शामिल हो गए थे. 10 मार्च से 10 अगस्त तक 6 महीने पूरे हो रहे हैं. वहीं दो सीटों बड़ा मलहरा और नेपानगर सीट अभी खाली हुई हैं. चुनाव 6 महीने के अंदर कराना जरूरी होता है. लेकिन मप्र और अन्य राज्यों में कोरोना संक्रमण को देखते हुए संभावना थी कि सितंबर में उपचुनाव होंगे, लेकिन बढ़ते संक्रमण को देखते हुए अब आयोग ने उपचुनाव टालने का निर्णय लिया है.

केंद्र सरकार (Government) के कहने पर टले चुनाव

पूर्व मंत्री और कांग्रेस विधायक जीतू पटवारी ने उपचुनाव टाले जाने पर भाजपा को घेरा है. जीतू का कहना है कि उपचुनाव टालना सिर्फ कांग्रेस की जीत को रोकने का प्रयास है. लोग भाजपा को पंसद नहीं कर रहे हैं. इसी डर से केंद्र के इशारे पर चुनाव टले हैं.

कांग्रेस कर रही मतपत्र से चुनाव कराने की मांग

पूर्व मुख्यमंत्री (Chief Minister) कमलनाथ ने चुनाव आयोग से 26 सीटों पर होने वाले उपचुनाव मतपत्र से कराने की मांग की. इस पर गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि उपचुनाव में ईवीएम के बदले मतपत्रों से मतदान की कमलनाथ जी की मांग सिर्फ कांग्रेस की हताशा है. बटन दबाने से अगर कोरोना फैलने का डर है तो क्या मुहर लगाने से ये डर खत्म हो जाएगा?

– इन सीटों पर होने हैं उपचुनाव

नेपानगर, बड़ामलहरा, डबरा, बदवावर, भांडेर, बमौरी, मेहगांव, गोहद, सुरखी, ग्वालियर (Gwalior), मुरैना, दिमनी, ग्वालियर (Gwalior) पूर्व, करेरा, हाटपिपल्या, सुमावली, अनूपपुर, सांची, अशोकनगर, पोहरी, अंबाह, सांवेर, मुंगावली, सुवासरा, जौरा, आगर-मालवा.

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