घट-कलाश स्थापना के साथ कोराना के साये में देवी आराधना, आदिशक्ति के महापर्व का पदार्पण


जबलपुर. आदिशक्ति के महापर्व चैत्र नवरात्र की शुरूआत बुधवार (Wednesday) को शुभ मुहूर्त में घट-कलश स्थापना के साथ की गई. इसी के साथ ही आस्था की लौ में भक्ति की जोत चौतरफा दमकने लगी है जो पूरे नौ दिनों तक दिव्यता को धारण करेगी. कोराना वायरस के चलते शहर में लगे कफर््यू और लॉकडाउन (Lockdown) के कारण नगर की प्रमुख शक्तिपीठों के सभी कार्यक्रम स्थगित कर दिए हैं एसे में लोग घरों पर ही माता की भक्ति में लीन नजर आयेंगे. वासंतेय नवरात्र के प्रथम दिन बैठकी को श्रद्धालुओं ने घट स्थापना, अखंड ज्योत प्रज्जवलित कर माँ का आव्हान किया.

चैत्र नवरात्र के प्रारंभ होते ही माँ भगवती की आधराना में भक्त लीन हो गए हैं. नवरात्र के साथ ही नव संवत्सर 2077 का भव्य आगाज हो गया है. इसी के साथ ही चेट्रीचंड महोत्सव, गुड़ी पडवा का पर्व भी लोग इस वार घर पर ही मनायेंगे. यह पहला मौका है जब नवरात्र पर देवी मंदिरों में कोरोना (Corona virus) के कारण भक्तों की चहल पहल दिखाई नहीं देगी. लोग घरों पर ही विधि विधान से पूजन पाठ करेंगे. नवरात्र के पहले दिन प्रतिपदा को माँ भगवती के प्रथम स्वरूप शैलपुत्री का श्रद्धालुओं ने पूजन किया.

  नरेंद्र मोदी - नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही लड़ा जाएगा आगामी विधानसभा चुनाव - सुशील मोदी

तप की चारणी माँ ब्रम्हचारिणी

माँ दुर्गा की नव शक्तियों का दूसरा स्वरूप ब्रम्हचारिणी का है. ब्रम्हचारिणी अर्थात् तप की चारिणी. इनके दाहिने हाथ में जप की माला एवं बायें हाथ में कमंडल है. ज्योतिषाचार्य पं. सौरभ दुबे के अनुसार माँ दुर्गा का यह दूसरा स्वरूप भक्तों को अनंत फल देने वाला है. इनकी उपासना से मनुष्य में तप, त्याग, वैराग्य, सदाचार व संयम में वृद्धि होती है. माता ब्रम्हचारिणी का पूजन शक्कर और फल से करें साथ ही तीन वर्ष की कन्या का पूजन कर उन्हें उपहार स्वरूप मिठाई, नारियल और अनार देना चाहिए इससे भौतिक सुखों में वृद्धि तथा समृद्धि की प्राप्ति होती है.

  गुणवत्ता के साथ पीपीई और एन95 मास्क की उत्पादन क्षमता में वृद्धि हुई: स्वास्थ्य मंत्रालय

कालीधाम में 351 अखंड

ज्योति कलश की स्थापना श्री शक्तिपीठ कालीधाम ग्वारीघाट में चैत्र मास की नवरात्र पर 351 अखंड ज्योति मनोकामना कलश की स्थापना बैठकी को श्रीकालीधाम शिष्य परिवार द्वारा की गई. माँ भगवती काली को षोड्योपचार विधि से यहां प्रतिदिन पूजन अर्चन, श्रृंगार एवं दुर्गा सप्तशती का पाठ पंडितों द्वारा किया जाएगा. दंडी स्वामी कालिकानंद सरसवती स्वामी प्यारेनंद महाराज ने श्रीकालीधाम परिवार के शिष्यों एवं श्रद्धालुओं से आग्रह किया है कि कोराना वायरस के चलते अपने को घरों में सुरक्षित रखें और घर में ही भगवती का नौ दिन पूजन अर्चन करें.

  चार राज्यों में अब 98,270 कोरोनावायरस संक्रमित, देशभर में 4147 मौतें

गायत्री शक्तिपीठ में नहीं होगी आराधना-उपासना

कोरोना (Corona virus) की महामारी (Epidemic) के कारण गायत्री शक्तिपीठ में इस नवरात्र पर साधना, उपासना और आराधना नहीं होगी. गायत्री परिवार के मुख्य ट्रस्टी प्रमोद राय ने परिजनों से अपील की है कि वे नवरात्र की साधना, पूजन पाठ अपने निवास पर ही करें. एक माला महामृत्युंजय मंत्र एवं गायत्री अनुष्ठान कर माँ दुर्गा, माँ गायत्री से इस घोर संकट की घड़ी से मुक्ति दिलाने की प्रार्थना करें.

Please share this news