कोरोना की देसी वैक्सीन से जागी उम्मीद, शुरुआती ट्रायल में ही मिले अच्छे संकेत


-केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने किया ट्वीट, वैक्सीन का कोई भी साइड इफेक्ट नहीं

नई दिल्ली (New Delhi) . पूरी दुनिया में कोरोनावायरस के बढ़ते मामलों के बीच अच्छी खबर है कि आईसीएमआर भारत बायोटेक की देसी कोरोना वैक्सीन कोवैक्सीन के फेज 1 और फेज 2 का ट्रायल शुरू हो गया है. शुरुआती परीक्षण में पता चला है इस वैक्सीन का कोई भी साइड इफेक्ट नहीं है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने खुद इस बारे में ट्वीट करते हुए लिखा कि स्वदेशी कोरोना वैक्सीन का ह्यूमन ट्रायल शुरू हो गया है. कोरोनावायरस के खिलाफ जंग अब निर्णायक दौर में है. पिछले कई महीनों से कोरोना वैक्सीन के विकास के लिए जारी प्रयास के सकारात्मक संदेश मिलने लगे है. अब हम जल्द ही इस महामारी (Epidemic) पर पूरी तरह से जीत प्राप्त कर लेंगे.

को वैक्सीन के क्लीनिकल ट्रायल की शुरुआत पटना (Patna) एम्स में हुई. आईसीएमआर के अनुसार को वैक्सिन का ट्रायल 12 जगहों पर किया जाएगा. दावा किया जा रहा है कि भारत बायोटेक में भारत की पहली कोरोना वैक्सीन को वैक्सीन को बना लिया है. भारत-बायोटेक के अलावा देश में जायडस कैडिला की जायकोव ‘प्‍लाज्मिड डीएनए’ वैक्सीन को क्लिनिकल ट्रायल के लिए मंजूरी दी गई है. यह वैक्सीन डीएनए अणु होती हैं जिनमें एंटीजन भी कोड किया जाता है.

दावा किया जा रहा है कि अगर इसका डीएनए सीक्वेंस वायरस से मैच करेगा तो शरीर में एंटीबॉडीज विकसित होने लगेंगी, जिससे कोरोना से राहत मिल सकती है. वैक्सीन के अलावा कम लागत में विकसित होने वाले टेस्ट किट भी बनाने की कोशिश की जा रही है. उल्लेखनीय है कि भारत पूरे विश्व में सबसे बड़े वैक्सीन निर्माता देशों में से एक है. ऐसे में अगर कोरोना के वैक्सीन बनाने में भारत को कामयाबी मिलती है तो यह अपने आप में देश के लिए गर्व करने की बात होगी. फिलहाल पूरा विश्व और भारत कोरोना के खिलाफ जंग लड़ रहा है. इसके खात्में के लिए सबसे कारगर उपाय इसका टीका ही है.

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