Wednesday , 28 October 2020

कृषि विधेयकों पर कांग्रेस का पुराना वीडियो वायरल, पार्टी कर रही है समर्थन


नई दिल्ली (New Delhi) . मोदी सरकार (Government) द्वारा लोकसभा (Lok Sabha) में पेश किए गए कृषि विधेयकों पर कांग्रेस का एक पुराण वीडियो वायरल हुआ है जिसमें पार्टी इसी तरह के विधेयकों की घोषणा करते दिख रही है. वीडियो में राहुल गांधी के सामने कांग्रेस नेता अजय माकन ने घोषणा की थी एपीएमसी ऐक्ट में कांग्रेस शासित राज्यों में संशोधन किया जाएगा.

सोशल मीडिया (Media) पर वायरल हो रहा वीडियो 27 दिसंबर 2013 का है. इस वीडियो में कांग्रेस नेता अजय माकन राहुल गांधी के सामने घोषणा कर रहे हैं कि महंगाई और भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ने के लिए कांग्रेस के 11 मुख्यमंत्रियों की बैठक में फैसला लिया गया कि किसानों को सहूलियत पहुंचाने और उपभोक्ताओं को कम कीमत में फल और सब्जियां उपलब्ध कराने के लिए इन्हें एपीएमसी ऐक्ट के तहत बनी लिस्ट से हटा दिया जाएगा.

कृषि विधेयकों को कांग्रेस के विरोध के बीच 2013 का कांग्रेस के ऑफिशन हैंडल से किया गया ट्वीट भी वायरल हो रहा है. इस ट्वीट में कांग्रेस ने लिखा है कि सभी कांग्रेस शासित राज्यों एपीएमसी ऐक्ट से फल और सब्जियों को हटाएंगे. इस ट्वीट को कोट करते हुए दिल्ली बीजेपी के प्रवक्ता ताजिंदर पाल सिंह बग्गा ने ट्वीट कर लिखा, ‘राहुल गांधी जी! प्लीज इस ट्वीट को डिलीट मत करिएगा.’

भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि उसने अपने घोषणापत्र में यह वादा किया था कि किसानों को एपीएमसी से बाहर निकाल कर लायेंगे और आवश्यक वस्तु अधिनियम को बदलेंगे. उन्होंने कहा ‘पीएम मोदी ने ये करके दिखाया है. जो लोग इसका विरोध कर रहे हैं, वो बिचौलियों की भाषा बोल रहे हैं, किसानों की नहीं.’

नड्डा ने कहा, ‘ न्यूनतम समर्थन मूल्य एवं सरकारी खरीद अर्थात् एपीएमसी की व्यवस्था बनी रहेगी. विधेयक किसानों को कई और विकल्प प्रदान कर उन्हें सही मायने में सशक्त करने वाले हैं. इसके तहत एक परिस्थितिकी तंत्र के निर्माण का प्रावधान किया गया है जिसमें किसान कानूनी बंधनों से आजाद होंगे.’ उन्होंने कहा कि कृषि से जुड़े जो तीनों विधेयक लोकसभा (Lok Sabha) में पारित हुए हैं वे सही मायने में किसानों को बिचौलियों और तमाम अवरोधों से मुक्त करेंगे. इस कृषि सुधार से किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए नए-नए अवसर मिलेंगे, जिससे उनका मुनाफा बढ़ेगा और किसान सशक्त होंगे.

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