Wednesday , 28 October 2020

ओवैसी की पार्टी के सांसद ने पीएम मोदी के अयोध्या दौरे पर उठाएं सवाल


औरंगाबाद (Aurangabad) . असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल-मुस्लिमीन के औरंगाबाद (Aurangabad) से सांसद (Member of parliament) इम्तियाज जलील ने गुरुवार (Thursday) को महाराष्ट्र (Maharashtra) सरकार (Government) पर जोरदार हमला बोला. जलील ने महाराष्ट्र (Maharashtra) सरकार (Government) पर कोरोना के चलते बकरीद समारोहों पर प्रतिबंध को लेकर दोहरा मापदंड अपनाने का आरोप लगाया.इसके साथ ही जलील ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित अयोध्या (Ayodhya) दौरे को लेकर भी सवाल उठाए हैं.

सांसद (Member of parliament) जलील ने कहा,हम जानते हैं कि सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) के आदेश के कारण आप (पीएम मोदी) राम मंदिर (Ram Temple) का निर्माण करने जा रहे हैं और हमें इस पर कोई आपत्ति नहीं है. लेकिन सवाल यह है कि क्या पीएम मोदी को देश के प्रधानमंत्री होने के नाते प्राथमिकताओं का आभास नहीं होना चाहिए? पीएम मोदी की यात्रा पर चुटकी लेकर जलील ने पूछा,ऐसा लगता है जैसे पीएम मोदी और कोरोना के बीच बातचीत हुई है कि कोरोना पांच अगस्त को अयोध्या (Ayodhya) नहीं आएगा.

बकरीद के लिए महाराष्ट्र (Maharashtra) सरकार (Government) के दिशा-निर्देशों की निंदा

आगामी बकरीद के लिए महाराष्ट्र (Maharashtra) सरकार (Government) के दिशा-निर्देशों की निंदा करते हुए जलील ने कहा कि राज्य सरकार (Government) को यह स्पष्ट करना चाहिए कि बकर ईद पर “प्रतीकात्मक” बलिदान (कुर्बानी) का क्या मतलब है. पिछले हफ्ते, राज्य सरकार (Government) ने कोविद-19 महामारी (Epidemic) के बीच 31 जुलाई और एक अगस्त को त्यौहार मनाने के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए. दिशानिर्देशों के अनुसार लोगों से कहा गया है कि वे मस्जिदों के बजाय घर पर नमाज अदा करें और कुर्बानी के लिए जानवर ऑनलाइन या फोन पर खरीदें.

प्रतीकात्मक’ कुर्बानी की अपील पर उठाए सवाल

राज्य सरकार (Government) ने अपील की है कि ‘कुर्बानी’ यदि प्रतीकात्मक तरीके से की जाए तब अच्छा है. जलील ने सवाल किया कि राज्य सरकार (Government) को बताना चाहिए कि ‘प्रतीकात्मक’ कुर्बानी से उसका क्या मतलब है. राज्य सरकार (Government) अब हमारे त्योहारों को निर्धारित नहीं कर सकती है. इसके अलावा, जब बाकी सभी चीजें अनलॉक हो रही हैं,तब उपासना स्थल अभी भी बंद क्यों हैं?

ईद से पहले मस्जिदों को खोलने की मांग

इस बीच एआईएमआईएम के नेता ने यूपी सरकार (Government) से आग्रह किया है कि वह बकरीद पर कुर्बानी की सुविधा के लिए प्रतिबंधों में ढील दे. उन्होंने मुख्यमंत्री (Chief Minister) योगी से एक अगस्त को वीकेंड के लॉकडाउन (Lockdown) को हटाने की भी अपील की. उधर, मुंबई (Mumbai) स्थित रज़ा अकादमी ने भी बकरीद पर मस्जिदें खोलने की मांग की है. अकादमी के एक सदस्य ने महाराष्ट्र (Maharashtra) सरकार (Government) और केंद्र से यह कहते हुए बूचड़खानों को खोलने की अपील की कि प्रतिबंध हटने पर उचित सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जाएगा.

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